चम्बा – भूषण गुरुंग
आज सोमवार को सुबह 14 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के द्वारा 2007 में मेजर जरनल टी के सप्रू के अगुवाई गुरु गोरखनाथ महाराज जी की मंदिर स्थापना कि गई थीं। उसका स्थापना दिवस बहुत धूमधाम के साथ मनाया गया।
आज से कई वर्ष पहले यहां पर चतुर गोरखा राइफल का ट्रेनिंग सेंटर हुआ करता था तब से लेकर आज दिन तक सभी पांचों यूनिटों के पदाधिकारी और जवान लोग अपने कुल गुरु गोरखनाथ और कल की देवी मां काली को पूजने के लिया 19 अप्रैल को बकलोह पहुंच पहुंचते है।
प्राचीन मंदिरो में पूजा करने के बाद पांचों यूनिट और 14 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के सभी पदाधिकारी मिलकर इस मंदिर पूजा अर्चना करते है। आज सुबह चौदह गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के डिप्टी कमांडेंट लिटन धर के अगुवाई मे पांचों यूनिट के जेसीओस साहिबान और सभी यूनिट के धर्म गुरु के मौजूदगी में सुबह मंदिर परिसर में हवन पूजन किया गया उसके बाद बाबा जी को नए वस्त्र धारण किये गए। और ठीक 12:00 रोट काटकर आरती उतारी गई। उसके पास स्थानीय महिलाओं के द्वारा भजन कीर्तन किया गया।
डिप्टी कमांडर लिटन धर ने बताया कि पहले कभी हमारे यहां पर चतुर्थ गोरखा राइफल का सेंटर हुआ करता था तभी से लेकर आज दिन तक यहां पर हर साल अप्रैल के महीने में पांचों यूनिट और 14 जीटीसी के जवान और अधिकारी लोग अपने कुल के गुरु गुरु गोरखनाथ और कुल की देवी मां काली की पूजा अर्चना की जाती है।
अंतिम दिन माता काली की पूजा करने के बाद सभी अपने-अपने यूनिटों की ओर प्रस्थान हो जाते हैं। और यहां से जो प्रसाद ले जाते हैं यूनिट के हर लोगों तक पहुंचाया जाता है। इस मौके में डिप्टी कमांडेंट लिटन धर ओर उनकी धर्म पत्नि सुदेशना धर, सेंटर एस एम भारत थापा के अलावा सभी अधिकारी और जवान लोग मौजूद थे अंत में सभी लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी।