
काँगड़ा, राजीव जस्वाल
दो दिनों से बढ़ रही गर्मी के बाद शनिवार को राहत की बूंदें बरसी हैं। बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि होने से बागवानी क्षेत्र को नुकसान पहुंचने की संभावना ज्यादा है। इसकी वजह यह है कि इन दिनों आम, सेब, लीची, आडू सहित विभिन्न फलों के पौधों पर फ्रूट सेटिंग का समय चला हुआ है और ऐसे में ओलावृष्टि से इन फलों को नुकसान पहुंचना स्वभाविक है।
हालांकि इस दिशा में बागवानी विभाग के अधिकारी भी इसकी रिपोर्ट आने के इंतजार में है कि आखिर कितना नुकसान पहुंचा है। हालांकि जिला कांगड़ा के लिए यह जरूर राहत की खबर है कि ज्यादातर किसान अब गेहूं की फसल की कटाई पूरी कर चुके हैं। लेकिन उन किसानों के लिए चिंता बढ़ा गई, जो विभिन्न सब्जियों के उत्पादन में जुटे हुए हैं।
शनिवार को बारिश के साथ-साथ करीब दो घंटें तक लगातार ओलावृष्टि भी हुई है। हालांकि शनिवार को सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे। लेकिन दोपहर बाद करीब ढाई बजे बारिश की बूंदें गिरनी शुरू हो गई और करीब तीन बजे भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हो गई, जो शाम 5 बजे तक बदस्तूर जारी रही।
इस दौरान धर्मशाला शहर की सड़कों पर भी कुछ समय के लिए ओलावृष्टि जम गई। उधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक धर्मशाला डा. कमलशील नेगी के मुताबिक ओलावृष्टि से फलों को नुकसान होना स्वभाविक है, क्योंकि मौजूदा समय में फ्रूट सेंटिंग चल रही है। अब कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी तो रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी।
