द्रोणाचार्य महाविद्यालय में ‘संकाय क्षमता विकास कार्यक्रम’ का आयोजन

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शाहपुर – नितिश पठानियां                                                                                             

द्रोणाचार्य शिक्षण स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत में एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं विकास सेल ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल के सहयोग से ‘संकाय क्षमता विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया।

कार्यक्रम का विषय ”दृष्टि के साथ नेतृत्व: 21वीं सदी में नेतृत्व के लिए शिक्षकों को सशक्त बनाना” था कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और उसके बाद पुष्प स्वागत और बैज समारोह के साथ हुई। सुमित शर्मा ने मुख्य संरक्षक एवं मुख्य अतिथि, डॉ बीएस पठानिया का स्वागत किया। डॉ अनीता चंदेल ने सभी संकाय सदस्यों के साथ विषय का परिचय दिया।

  • पहले भाग में सहायक प्रोफेसर अनीश कोरला द्वारा एक दिलचस्प सत्र लिया गया। अनीश कोरला ने व्यक्तिगत मूल मूल्यों के संरेखण और सफलता और कल्याण के लिए सभी मूल्यों को व्यवस्थित करने पर अपने विचार साझा किए कि मानव जीवन में मूल मूल्य क्यों महत्वपूर्ण हैं।
  • सहायक प्रोफेसर शालिनी शर्मा ने कॉलेज शिक्षा के पाठ्यक्रम में जीवन कौशल को शामिल करने पर अपने विचार साझा किए और साथ ही मानव जीवन में जीवन कौशल के महत्व को भी संबोधित किया।
  • इसके बाद असिस्टेंट प्रोफेसर शिल्पा सेठी ने संकाय सदस्यों के साथ गतिविधि लागू करके स्वास्थ्य, कल्याण और सफलता के लिए कृतज्ञता की शक्ति पर अपने विचार व्यक्त किए।
  • सहायक प्रोफेसर अंजना ने 21वीं शिक्षा में लैंगिक संवेदनशीलता,पर विचार रखे।
  • वहीं सहायक आचार्य अभिषेक शर्मा ने छात्रों को भावनात्मक बुद्धिमत्ता से सशक्त बनाने, पर बल दिया।
  • सहायक प्रोफेसर माधुरी पाधा ने अनुसंधान और थीसिस में एक्शन रिसर्च की प्रयोज्यता के साथ-साथ केंद्रित और आभासी कक्षा पर केस स्टडी की मदद से कक्षाओं में गुणवत्ता को सशक्त बनाने के लिए एक्शन रिसर्च पर बल दिया
  • दूसरे भाग में, सत्र की शुरुआत सहायक प्रोफेसर पारुल शर्मा द्वारा सकारात्मक सोच की शक्ति पर ध्यान केंद्रित करने के साथ की गई। उन्होंने अपनी बातों को स्पष्ट करने के लिए उपयुक्त उदाहरणों का हवाला दिया।
  • सहायक प्रोफेसर भावना शर्मा ने शिक्षकों के लिए उपचारात्मक शिक्षण युक्तियों और सुझावों और छात्रों पर इसके सकारात्मक प्रभाव पर चर्चा की।
  • सहायक आचार्य शशि ने अपनी प्रस्तुति कक्षा में सीखने के माहौल को प्रोत्साहित और प्रेरित करने की रणनीतियों पर केंद्रित की।
  • सहायक प्रोफेसर पूनम मन्हास ने छात्रों में आलोचनात्मक सोच कौशल विकसित करने पर अपना विषय रखा।
  • सहायक प्रोफेसर अनुराधा ने कक्षाओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता के महत्व पर प्रकाश डाला।
  • सहायक प्रोफेसर व एचओडी सुमित शर्मा ने प्रभावी संबंध निर्माण कौशल पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने आत्म जागरूकता, करुणा और आत्म-प्रतिबिंब पर ध्यान केंद्रित किया।
  • वहीं एसोसिएट प्रो डॉ. अनीता चंदेल ने,खुशी के विविध अर्थों और मानव जाति में खुशी की आंतरिक भावना के बारे में अपने विचार साझा किए। सभी संकाय सदस्यों को जलपान प्रदान किया गया।
  • कार्यक्रम का समापन सभी संकाय सदस्यों द्वारा फीडबैक साझा करने और एक समूह फोटोग्राफ के साथ हुआ।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर महाविद्यालय के कार्यकारिणी निदेशक बीएस.पठानिया, एचओडी सुमित शर्मा ,डॉ अनिता चंदेल ,सहायक आचार्य अनीश कोरला सहित समस्त अध्यापक वर्ग एवं सभी अतिथिगण उपस्थित रहे ।

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