मंडी – अजय सूर्या
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हिन्दू पर्व दिपावली व इसके साथ होने वाली त्योहारों की श्रृंखला को लेकर बाजार पूरी तरह से सज गए हैं। लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंडी की बात करें तो यहां भी बाजारों में मिट्टी के दिए, मोमबत्ती, देवी लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमाएं, पूजा सामग्री व अन्य तरह के सजावटी समान से बाजार सराबोर हैं।

बुधवार को भी बाजारों में खूब भीड़ रही और लोग त्योहारों के चलते सामान खरीदते नजर आए। वहीं दुकानदारों को भी त्योहारों के इस सीजन में अच्छी आमदनी की उम्मीद है। इसके साथ ही मिठाइयों और गिफ्ट पैक्स की दुकानों में भी खूब भीड़ देखने को मिली।

स्थानीय लोगों के अनुसार दिपावली दीपों और रोशनी का त्योहार है और इसे सभी को खुशी-खुशी मनाना चाहिए। स्थानीय निवासी मनीष बताते हैं कि रोशनी करना और दीप जलाना पूरे भारतवर्ष में होता है, लेकिन मंडी में घास से बने जिन्हें स्थानीय भाषा में कहूए भी कहते हैं को सिर के ऊपर से जलाकर घुमाने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं, ऐसी मान्यता है।

वहीं व्यापारियों का भी कहना है कि त्योहारों के सीजन में उन्हें जनता से काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है और लोग पर्यावरण प्रेमी दिवाली बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सूचारू रखने के लिए कुछ समय के लिए आंशिक बदलाव भी किए जा रहे हैं।

वहीं बुराई का प्रतीक रावण को मार कर इस दिन भगवान श्री राम माता सीता सहित अयोध्या वापिस लौटे थे। जिस पर लोगों ने घी के दीपक जलाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद से ही पूरे देश में इस त्योहार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

