तीन माह तक शिक्षकों को नहीं मिलेगी छुट्टी, केंद्र सरकार ने जारी किए आदेश.

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शिमला, व्यूरो 

प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूल में शिक्षकों के आते ही सरकार ने नए आदेश जारी कर दिए हैं। अब तीन माह तक शिक्षकों को आसानी से छुट्टी नहीं मिलेगी। इसके साथ ही प्रधानाचार्य भी अपने लेवल पर शिक्षकों को अवकाश नहीं दे पाएंगे।

सरकार ने आदेश दिए हैं कि अब केवल तीन माह का ही समय बचा है, ऐसे में छात्रों की पढ़ाई सही ढंग से चले। इसके साथ ही दसवीं व जमा दो के छात्रों को फाइनल एग्जाम के लिए तैयार किया जा सके, जिसके लिए उनकी नियमित कक्षाएं जरूरी हैं।

सरकार की ओर से शिक्षा विभाग को जारी हुए आदेशों में कहा गया है कि निदेशालय सख्त आदेश स्कूल प्रबंधन को जारी करे, ताकि अब शिक्षक आसानी से अवकाश न ले पाएं।

शिक्षा विभाग छुट्टियों पर आने वाली एप्लिकेशन को चैक करेंगे और अगर उन्हें लगा की छुट्टी आवश्यक है, तभी दी जाएंगी।

बुधवार को शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने भी कहा कि अब पहली फरवरी से ग्रीष्मकालीन स्कूल खुल जाएंगे। शिक्षक बोर्ड कक्षाओं की पढ़ाई को गंभीरता से लें।

ऑनलाइन कक्षाओं में छात्रों को जो समझ नहीं आया है, वह उन्हें बताया जाए। इसके साथ ही मंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों से माइक्रोप्लान आने के बाद वह खुद भी प्रिंसीपल्स से वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से व्यवस्थाओं को जांचेंगे।

बता दें कि बुधवार को राज्य के सभी ग्रीष्मकालीन स्कूलों में शिक्षकों ने अपनी हाजिरी लगाई। बताया जा रहा है कि पहले दिन 80 प्रतिशत शिक्षक स्कूलों में आए। दस माह बाद पहली फरवरी से प्रदेश के स्कूलों में नियमित कक्षाएं शुरू हो रही हैं।

राज्य सरकार ने समर क्लोजिंग स्कूलों से नियमित कक्षाएं फिजिकली रूप से लगाने की घोषणा कर दी है। शिक्षकों व अन्य स्टाफ को सैनेटाइजेशन के लिए नियमित तौर पर आना होगा। वहीं पांचवीं व आठवीं से 12वीं कक्षा तक के छात्रों की स्कूलों में आकर कक्षाएं लगाई जाएंगी।

पहली फरवरी से प्रदेश के आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेज, पोलीटेक्निक कालेजों के अलावा दूसरे शिक्षण संस्थान भी खुल जाएंगे। ऐसे में फरवरी से स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं लगने के बाद क्या रिजल्ट आते हैं, यह देखना अहम होगा।

इसके साथ ही 15 फरवरी से विंटर क्लोजिंग स्कूलों में भी शिक्षक व छात्रों को आना होगा। स्कूल, कालेज खुलने के बाद सरकारी व प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को कोविड की गाइडलाइन का पालन खुद करवाना होगा।

सरकार ने आदेश दिए हैं कि सैनेटाइजेशन का छात्रों को ध्यान रखना होगा। पुरानी कोविड गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए छात्रों को मास्क, थर्मल स्कैनिंग के साथ ही एंट्री के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों में छात्रों की हाजिरी फिलहाल अनिवार्य नहीं है।

बुधवार को जब स्कूल खुले, तो स्कूल प्रिंसीपल्स ने शिक्षकों के साथ बैठक दी। इस बैठक में शिक्षकों को कोविड की गाइडलाइन के बारे में बताया गया। अहम यह है कि इस बैठक में माइक्रो प्लान बनाने के लिए प्रिंसीपलों ने शिक्षकों से सुझाव भी लिए।

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