डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर विधायक जीत राम कटवाल ने दी श्रद्धांजलि

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व्यूरो, रिपोर्ट

 

विधायक द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों से उत्साहित होते हुए ग्राम पंचायत झबोला के 19 लोगों ने कांग्रेस पार्टी का दाम छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की । जिसमे गरीव दास ,शीला देवी ,रामजी दास ,परमदेव ,छोटू राम , नाथ राम ,शीला देवी ,फूलों देवी ,मस्त राम ,जीत राम , ओंकार सिंह , रत्न चन्द , करीम मोहम्मद , नन्द लाल ,खान मोहम्मद ,नामक चन्द्र ,. महेन्द्र सिंह ,सोनू ने भाजपा पार्टी की सदस्यता ली ।

 

 

उन्होंने अपने क्षेत्र में विधायक द्वारा यह जा रहे विकास कार्यों पर खुशी जाहिर करते हो बताया की उनके क्षेत्र में विधायक ने दसलेहड़ा से खमेहड़ा कलां सड़क में सरियाली खड्ड पर पुल बनाने के लिए 4 करोड़ 5 लाख रुपये की स्वीकृति करवाये इस पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है ।

 

सरियाली खड्ड पर टपे दधोग, खमेडा कलां तथा झबोला से धीमान बस्ती के लिए 25 लाख रुपये तीन झूला पुलों बनाए जा रहे है जिनका निर्माण कार्य तीव्र गति से चला हुआ है। पिछले तीन सालों में ग्राम पंचायत झबोला में विभिन्न विकास कार्यों पर 22 लाख 85 हजार रुपए की राशि ख़र्च की गई ।

 

जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर विधायक जीत राम कटवाल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने इस अवसर पर भाजपा कार्यालय झंडूता में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए । इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र सिंह चन्देल , मंडल महामंत्री दिनेश चन्देल , सेवानिवृत्त अधिशाषी अभियंता पी डी शर्मा , कार्यालय सचिव हरबंस भाभोरिया ,मनोज चन्देल तथा पार्टी के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

कटवाल ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देने और देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले प्रखर राष्ट्रीवादी, महान शिक्षाविद, एवँ जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि दी ।

 

 

उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए 5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया। जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने करीब चार दशक पहले ही इस सपने को देखा था कि ‘एक विधान, एक निशान और एक प्रधान’ के लिए ही उन्होंने बालिदान दिया। इसके खिलाफ उन्होंने देश में आंदोलन चलाया और एक साजिश का शिकार बने। 1953 में आज ही के दिन उनका महान बलिदान देश की एकता का आधार बना।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पदचिह्नों पर चलने का भाजपा कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया। वहीं बलिदान दिवस समारोह में लोगों को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई ।

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