बिलासपुर – सुभाष चंदेल
जिला बिलासपुर के स्वास्थ्य खंड मारकंड के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुरा में एक महिला को खून से लथपथ हालत में पहुंचने के बावजूद उपचार नहीं मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। महिला के बेटे यशपाल ने स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और अन्य स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि घायल अवस्था में पहुंचने के बावजूद डॉक्टर और फार्मासिस्ट ने उपचार नहीं किया, बल्कि उनके साथ बदतमीजी भी की गई। यशपाल ने बताया कि उसकी मां को अचानक गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद वे उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र राजपुरा लेकर पहुंचे, लेकिन वहां मौजूद स्टाफ ने न तो कोई प्राथमिक उपचार दिया और न ही महिला की हालत को देखते हुए गंभीरता दिखाई।
जब उन्होंने उपचार की मांग की तो उन्हें अपमानित किया गया। यशपाल ने इस पूरी घटना का वीडियो भी मौके पर बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है।
वहीं, यशपाल ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि इस तरह की लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी मरीज को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंदर सिंह के बोल
स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परविंदर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए बीएमओ मारकंड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी चिकित्सक, फार्मासिस्ट या अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।