
सवाल जब सेवाएं ही नहीं मिलनी तो पैसे ऐंठने के लिए बनवाएं कार्ड
टांडा – रजनीश ठाकुर
प्रदेश के दूसरे सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवम अस्पताल टांडा में हिम केयर कार्ड मात्र शो पीस बन कर रह गए है। मरीजों के आरोप है कि कार्ड जमा करवाने के बावजूद 10 से 12 हजार की चपत लग रही है।सवाल जब सेवाएं ही नहीं मिलनी तो पैसे ऐंठने के लिए बनवाएं कार्ड।
यहां तक आरोप लग रहे है कि मिली भगत से प्रदेश के 6 जिलों से आने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है। मरीजों के मुताबिक जब कार्ड का फायदा ही नहीं तो बनाए ही क्यों? अस्पताल के वार्डों में तैनात लोग यहीं बहानेबाजी करके मरीजों और उनके तमीरदारो को परेशान करने पर आमादा है।
जिला चम्बा के सिहुंता से टांडा अस्पताल में अपने बेटे का इलाज करवाने टांडा आई रीनू ने बताया कि चिल्ड्रन वार्ड में 3 दिन एडमिट किया गया। कायदे के मुताबिक उन्होंने अपना हिम केयर कार्ड भी जमा करवाया। इसके बावजूद उनसे सभी दवाइयां बाहर से मंगवाई गई। उनके मुताबिक 10 से 12 हजार का अतिरिक्त खर्च करवाया गया।
उन्होंने कहा कि जब खर्चा करवाना ही है तो फिर कार्ड बनाने का क्या फायदा? उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से गुहार लगाई है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए जिससे लोगों को सही मायने में हिम केयर योजना का लाभ मिले।
