टांडा मेडिकल में कोविड के दौरान आउटसोर्स पर हुई थी तैनात, कई परिवारों पर आएगा आर्थिक संकट
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल में कार्यरत कोविड आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। टांडा अस्पताल में कोविड के दौरान आउटसोर्स पर रखी135 नर्सेज को शनिवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
छह जून 2020 को इन नर्सेज को कोविड के दौरान नियुक्त किया गया था। इससे पहले भी 25 नर्सेज को नौकरी से निकाल दिया गया था, फिर दो महीने बाद इन्हें कोविड के दौरान दिसंबर 2020 में फिर रख लिया गया था, लेकिन एक बार फिर से शनिवार को 135 नर्सेज को नौकरी से निकाल दिया गया।
टांडा अस्पताल की इन नर्सेज ने कहा कि हमें कोविड काल के समय में आउटसोर्स पर रखा गया था। इस नौकरी से हमारा घर बार चलता है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घर का खर्च हम इससे चलाते हैं। शनिवार को हमें बताया गया कि कल से आप लोग नहीं आएंगे और आपकी हाजिरी भी नहीं लगेगी। हालांकि हमने शनिवार को अपनी हाजिरी लगा दी है, परंतु हमें कहा गया है कि आप कल से नहीं आएंगे।
हमें जहां कांट्रैक्ट पर आने की उम्मीद थी, परंतु हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है, इसलिए हम प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से प्रार्थना करते हैं कि हमें नौकरी से न निकाला जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार से विनम्र निवेदन हैं कि टांडा अस्पताल की 135 नर्सेज को न निकाला जाए और हमें आउटसोर्स से जल्द कांट्रैक्ट पर लाया जाए। 135 लोगों को जल्द राहत प्रदान की जाए।
टांडा अस्पताल की नर्सेज तमन्ना, विशाखा, शबनम, विनता, कृति, अंजलि, मंजु, मधु, पूनम शर्मा, शीला, विक्की, मोनिका, प्रीति, पूजा, शिवानी मेहरा, सेल्जा, कमल, ममता ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि इस महंगाई के दौर में हमारे परिवार का खर्च कैसे चलेगा, इसलिए हमें नौकरी से न निकाला जाए।

