
मंडी – नरेश कुमार
नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यो में जुटे ठेकेदार सरकारी सीमेंट दुरुपयोग कर रहे हैं। सरकारी सीमेंट के बैग झाड़ियों में पड़े मिले हैं। कुछ दिन पहले तिरपाल के नीचे रखे सीमेंट के बैग का मामला सामने आने पर अब इन्हें झाड़ियों में फेंक दिया गया।
सरकारी सीमेंट की बर्बादी का मामला उजागर होने के बाद नगर निगम व जलशक्ति विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। हालांकि कुछ ही देर में सीमेंट के ये बैग वहां से उठा लिए गए।
पुरानी मंडी से बिजणी तक के दायरे में सीवरेज लाइन बिछाई जा रही है। यह कार्य अलग-अलग ठेकेदारों को आवंटित किया गया है। ठेकेदारों के माध्यम से करवाए जा रहे इस कार्य पर जलशक्ति विभाग करीब 68 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है।
सीवरेज लाइन बिछाने के साथ साथ अलग-अलग स्थानों पर चैंबर का भी निर्माण किया जा रहा है। खलियार में पेट्रोल पंप से करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर ट्रांसफार्मर के नीचे एक ठेकेदार ने इस कार्य के लिए सीमेंट रखा था।
जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के पास खुले में सीमेंट रखने का मामला पहुंचने के बाद दो दिन पहले ठेकेदार को इस सीमेंट को यहां से सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय निवासी ने सीमेंट के 20 बैग की गिनती कर इनके फोटो नगर निगम के अधिकारिक ग्रुप स्वच्छता समूह में अपलोड कर दिए हैं।
भानू प्रताप सिंह, सहायक अभियंता जलशक्ति विभाग के बोल
मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य ठेकेदार के माध्यम से किया जा रहा है। सीमेंट के बैग झाड़ियों में फेंकने के मामले की जांच की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
