
ज्वाली- माधवी पंडित
उपमंडल जवाली के अधीन ज्वाली-हार-बलदोआ मार्ग की खौल नाला से लेकर बलदोआ तक सड़क की हालत किसी खड्ड से कम नहीं है। उक्त तीन-चार किलोमीटर हिस्से पर कोलतार डाले हुए करीब छह-सात साल बीत चुके हैं तथा अब जगह- जगह गहरे गड्ढों का साम्राज्य है।
गड्ढों की गहराई भी काफी गहरी हो गई है, जिससे वाहनों को लेकर गुजरना काफी मुश्किल हो गया है। कोलतार नाम की कोई चौज ही दिखती नहीं है तथा कोलतार उखड़ने के कारण रोड़ी उखड़कर बाहर बिखरी पड़ी है। इस खस्ताहालत मार्ग की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
लोगों ने कहा कि यह गहरे गड्ढे कभी भी किसी दोपहिया वाहन चालक की जिंदगी को लील सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अपनी नाकामी को छिपाने के लिए गड्ढों को मिट्टी डालकर भरा जाता है तथा धूप खिलने पर मिट्टी धूल बनकर हवा में उड़ती है तथा बारिश होने पर कीचड़ बन जाती है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है।
लोगों ने कहा कि ने सड़कों के सुधारीकरण पर सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन उक्त मार्ग के खस्ताहालत हिस्से की सुध नहीं ली जा रही है। लोक निर्माण विभाग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहा है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग जवाली से मांग की है कि उक्त मार्ग की खस्ताहालत को अतिशीघ्र सुधारा जाए, अन्यथा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
इस बारे में लोक निर्माण विभाग ज्वली के एक्सईएन अरुण विशिष्ट ने कहा कि जल्द ही मार्ग की हालत को सुधारा जाएगा।
