
ज्वाली – अनिल छांगु
उपमंडल ज्वाली के अंतर्गत कानूनगो कार्यालय जवाली अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है लेकिन इसकी कोई भी सुध नहीं ले रहा है। इस कार्यलय के अधीन 6 पटवारखानें आते है खस्ताहालत व जर्जर हो चुके कानूनगो कार्यालय में सरकारी कर्मचारी अपनी जान को जोखिम में डालकर बैठते हैं।
इस कार्यालय में बिजली की तारें लोहे की कीलों के सहारे लटकाई गई हैं, खिडकियां दरवाजे सड़ चुके हैं, दीवारों में सिलन आ जाती है और छत से पानी टपकता है। वाथरूम तक टूट चुके हैं। कानूनगो अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी इसी कार्यालय मे डयूटी निभा रहे हैं और लोग भी रोजमर्रा अपने काम करवाने के लिए यहां पहुंचते हैं।
कार्यालय भवन की हालत इतनी खस्ता है कि यह कभी भी गिर सकता है। इस भवन में पीने के लिए पानी के लिए नलका तक भी नहीं लगा हुआ है जिससे कर्मचारी व कार्य करवाने हेतू आने वाले लोग पानी पीने के लिए दर-दर भटकते हैं।
जल शक्ति विभाग द्वारा इस कार्यालय में पीने की पानी के नल का कनैक्शन दो साल पहले काट दिया गया था। जिसे आज तक नहीं लगाया गया। बुद्धिजीवियों ने मांग की है कि कानूनगो कार्यालय जवाली की सुध ली जाए तथा पुराने भवन को अनसेफ करके नया भवन बनवाया जाए।
तहसीलदार संत राम नागर के बोल
तहसीलदार संत राम नागर ने कहा कि कानूनगो को शीघ्र आदेश दिए जाएंगे कि कानूनगो कार्यालय के भवन का शीघ्र एस्टीमेट बनाया जाए ताकि नए भवन का निर्माण किया जा सके और पुराने भवन को डिस्मेंटल करने के आदेश जारी किए जाएंगे
