
चम्बा – भूषण गुरुंग
जिला परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग काफी लंबे समय से चली आ रही है । इसी मांग को लेकर सोमवार को प्रदेश भर के 4700 व चम्बा जिला के 374 जिला परिषद के सभी कर्मचारियों ने पैन डाउन हड़ताल कर दिया है ।
इसी के समर्थन के लगभग सभी जगह के उप-प्रधान व प्रधान संघ जिला परिषद कर्मचारियों के समर्थन में उतरे हैं ।
ऐसे में जिला परिषद सदस्य करियां वार्ड मनोज कुमार मनु ने भी जिला परिषद कर्मचारी संघ का समर्थन किया है ।
मनोज ने सर्वप्रथम चम्बा सदर के विधायक पवन नैय्यर के माध्यम से एक ज्ञापन हिमाचल प्रदेश सरकार को भेजा जिसमें उन्होने जिला परिषद के कर्मचारियों को विभाग में विलय की मांग की है ।
उन्होने बताया कि हम जिला परिषद के अधिकारी एवं कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने व विभाग में विलय करने की मांग का समर्थन करते है ।
उन्होने कहा कि पिछले दो सालों से पंचायतों के काम कोरोना की वजह से अधर में लटके हुए है। उन स्तिथियों को देखते हुए हम इनका समर्थन करते है क्योंकि अगर सभी कर्मचारियों ने हड़ताल का रुख अपना लिया तो इसका खामियाजा भोली भाली जनता को भुगतना पड़ेगा ।
जिला परिषद कर्मचारी कई वर्षो से विभिन्न पंचायतों में कार्य कर रहे हैं। इन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है ताकि सरकार द्वारा दी गई विभिन्न योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जा सके।
इसके अलावा सरकार द्वारा विभागीय कर्मचारियों को समय-समय पर वित्तीय लाभ मिलते हैं। जिससे यह कर्मचारी वंचित रह जाते हैं।
इस मांग को जायज ठहराते हुए हम सरकार से मांग करते हैं कि इन कर्मचारियों को विभाग में विलय किया जाए और सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए ।
