
हमीरपुर-व्यूरो रिपोर्ट
जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र में छह अगस्त को एक बड़ा बस हादसा टालने में अहम भूमिका निभाने वाले निजी बस चालक सतपाल को राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रेरणा स्रोत सम्मान से नवाजा गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सतपाल सिंह को यह सम्मान अपने हाथों से सौंपा और चालक के साहस और सूझबूझ की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा ऐसे क्षण मे सोचने समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। मगर बस चालक ने जिस तरह अपनी जान की परवाह न करते हुए अंत तक ब्रेक नहीं छोड़ी और सभी सवारियों को सुरक्षित उतार कर बड़ा हादसा टाल दिया, वह काबिले-तारीफ है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से निजी बस के चालक सतपाल सिंह पुत्र खेम सिंह निवासी सहसपुर जिला देहरादून उत्तराखंड को यह सम्मान देने पर द सिरमौर निजी बस ऑपरेटर सोसायटी सिरमौर ने भी सीएम का आभार प्रकट किया है। जिला सिरमौर निजी बस ऑपरेटर सोसायटी के अध्यक्ष मामराज शर्मा ने निजी बस चालक को सम्मानित करने के लिए हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार प्रकट किया है,
उन्होंने कहा कि निजी बस ऑपरेटर के चालक को सम्मानित करना निजी बस ऑपरेटरों के लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने हिमाचल प्रदेश व जिला सिरमौर के सभी चालकों से आग्रह किया है कि वह भी सतपाल सिंह की तरह बस को सुरक्षित चलाएं। साथ ही सोसायटी ने डीसी सिरमौर, एसडीएम पांवटा साहिब व एआरटीओ सोना चौहान का भी धन्यवाद किया है।
विदित रहे कि 6 अगस्त को शिलाई क्षेत्र मे उस समय एक बड़ा बस हादसा होने से टल गया, जब बोहराड़ के पास एक निजी बस खाई में गिरने से बाल-बाल बच गई। शिलाई जा रही निजी बस का अचानक एक्सल टूटने से बस 300 मीटर खाई के ऊपर सड़क किनारे हवा में लटक गई थी।
चालक ने यदि दिलेरी न दिखाई होती, तो बस में सवार करीब 25 सवारियां बस सहित 300 मीटर गहरी खाई मे गिर जाती। कफोटा से करीब 10 किलोमीटर दूर बस जैसे ही बोहराड़ के पास उतराई में पंहुची, तो बस की स्टेयरिंग राॅड व एक्सल टूट गया था। जिससे बस सड़क से खाई की तरफ आधे से ज्यादा हवा में उतर गई।
बस में सवार लोगों ने बताया चालक ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए कस कर ब्रेक लगा दी और जब तक आखिरी सवारी बस से नहीं उतरी, तब तक अपनी जान जोखिम में डालकर ब्रेक पर खड़ा हो गया। जब सभी सवारियां उतर गई, तो लोगों ने बस के टायर के नीचे ओट लगाकर और बस को पीछे से स्पाॅट के सहारे रोककर चालक को भी बाहर निकाल लिया। जिसके बाद से चालक को सम्मानित करने की मांग उठने लगी थी। अब चालक सतपाल को राज्यस्तरीय सम्मान मिला है, जिससे जिला में भी खुशी का आलम है।
