
ज्वाली – अनिल छांगु
सिविल अस्पताल ज्वाली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला स्तरीय स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया। जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉक्टर गुरदर्शन गुप्ता ने विशेषतौर पर शिरकत की। डॉक्टर गुरदर्शन गुप्ता ने बताया की जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान करवाना चाहिए।
हरेक बच्चे का पहले गाढ़े पीले दूध पर अधिकार है क्योंकि यह रोग निरोधक गुणों से भरपूर होता है। बच्चे को छह महीने तक केवल स्तनपान ही करवाएं तथा पानी व घुटी इत्यादि न दें। छह महीने के बाद स्तनपान के साथ-साथ अर्ध ठोस आहार जरूर शुरू करें क्योंकि छह महीने के बाद बच्चे के विकास के लिए स्तनपान के साथ-साथ पूरक आहार भी बहुत जरूरी है। इसके साथ कम से कम दो साल तक स्तनपान जारी रखें।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर वंदना ने बताया कि स्तनपान करवाने वाली मां को दिन में तीन बार भोजन के साथ-साथ दो बार अतिरिक्त भोजन या नाश्ता आदि लेना चाहिए। स्तनपान करबाने से मां के स्तनों वा गर्भाशय के कैंसर से सुरक्षा व अगली सन्तान ठहरने से रक्षा होती है।
उन्होंने बताया कि स्तनपान एक गर्भनिरोधक का कार्य भी करता है। स्तनपान से बच्चों में खसरा, निमोनिया व दस्त आदि रोगों से भी रोकथाम की जा सकती है क्योंकि स्तनपान से बच्चों में बीमारियों से लड़ने की ताकत मजबूत होती है।
मां का दूध बच्चे के लिए अमृत समान होता है। कार्यक्रम के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया तथा सभी प्रतिभागियों को इनाम वितरित किए गए।
