
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कैबिनेट में दूसरे सबसे वरिष्ठ मंत्री
कोटला – स्वयम
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र से वरिष्ठ विधायक चौधरी चंद्र कुमार के कैबिनेट मंत्री बनने से जवाली विधानसभा में खुशी की लहर है। 79 साल के चौधरी चंद्र कुमार का जन्म 8 मई, 1944 को जिला कांगड़ा के ज्वाली में हुआ था। चंद्र कुमार ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है।
चौधरी चंद्र कुमार के बेटे नीरज भारती भी साल 2012 में इसी सीट से विधायक रह चुके हैं चौधरी चंद्र कुमार को पिछड़े तबकों की समस्याओं को सुलझाने और उनके उत्थान के लिए जाना जाता है। चौधरी चंद्र कुमार ने अपने जीवन की शुरुआत बतौर शिक्षक की थी.
वह शिमला के मशहूर सेंट बीड्स कॉलेज में भूगोल के शिक्षक रहे हैं। 79 साल के चौधरी चंद्र कुमार का जन्म 8 मई, 1944 को जिला कांगड़ा के ज्वाली में हुआ था।
चंद्र कुमार ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और पंजाब विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है चौधरी चंद्र कुमार के बेटे नीरज भारती भी साल 2012 में इसी सीट से विधायक रह चुके हैं, चौधरी चंद्र कुमार को पिछड़े तबकों की समस्याओं को सुलझाने और उनके उत्थान के लिए जाना जाता है।
साल 1977 में लड़ा था पहला विधानसभा चुनाव
साल 1977 में चौधरी चंद्र कुमार पहली बार विधायक के तौर पर चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद चौधरी चंद्र कुमार ने साल 1982 और साल 1985 में बतौर विधायक जीत हासिल की.
साल 1990 के चुनाव में चौधरी चंद्र कुमार को एक बार फिर हार का मुंह देखना पड़ा, लेकिन चंद्र कुमार ने वापसी करते हुए साल 1993, साल 1998 और साल 2003 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की।
साल 1993 में पहली बार कैबिनेट मंत्री बने थे चौधरी चंद्र कुमार कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार 1982 से 1985 तक हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। साल 1984-85 में चंद्र कुमार उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य के उप मंत्री भी रह चुके हैं.
उन्होंने साल 1985 से साल 1989 तक राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर कर काम किया है। साल 1989-90 में विभाग बदलकर उन्हें बागवानी कृषि और भाषा एवं संस्कृति विभाग के साथ का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया.
साल 1993 में वे पहली बार कैबिनेट मंत्री बने और उन्हें आईपीएच के साथ तकनीकी शिक्षा के मंत्री का दायित्व सौंपा
