बकलोह – भूषण गुरुंग
आज चैत्र नवरात्रे के पहले ही दिन कालनी गॉव के 82 वर्षिय गांधो राम और उनके सहयोगियों के द्वारा कालाफाट के नाग मोड़ के मंदिर में 28वे वार्षिक भंडारे का आयोजन किया गया।
गाधो राम ने बताया कि सन 1996 में इसी नाग मोड़ में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक छोटा नाग मंदिर क मंदिर का निर्माण किया था। जो आज भी उसी तरह से विराज मान है। इसके ठीक 3 किलो मीटर नीचे कालाफ़ाट गॉव मे सबसे प्राचीन नाग देवता का भव्या मंदिर खुद व खुद प्रकट हुआ जो लोग गॉव तक नही पहुच पाते है वो ऊपर ही इसी मंदिर में पूजा कर के चले जाते हैं।
जिस घर में नाग देवता महाराज विराज मान है। यहाँ पर साल भर जेएंडके, पंजाव, हिमाचल के लोग अपनीं मनोकामना पूरा होने पर इस मंदिर में अपने जातरू ले कर आते हैं। इस मंदिर मे हर शनिवार को काफी तादाद लोग माथा टेकने आते हैं। इस मंदिर में जिन लोगो के घर में कोई औलाद नही होता है उनके लिये ये मंदिर सब से महत्व रखता है।

हर शनिवार के दिन इस मंदिर में उन महिलाओं के जिसके घर में औलाद नही होता उनके लिए मंदिर के पुजारी के द्वारा खास किशम की जड़ी बूटी दी जाती है। जिस को खाने से उस घर में अवश्य ही संतान की प्राप्ति होती हैं। इसलिये इस मंदिर को बहुत माना जाता हैं।
जो लोग नीचे गॉव में नही जा सकते वो लोग ऊपर मोड़ में ही पूजा अर्चना कर के चले जाते है।इसी लिये इसको काला फ़ाट नाग मोड़ के नाम से जाना जाता है। आज सुबह सबसे पहले सभी सदस्यों के द्वारा मिलकर नाग मन्दिर के परिसर में पंडित सुरेश शर्मा के अगुबाई में हवन पूजन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
जिसमें सैकड़ लोगो ने भंडारे का आनन्द लिया। जिसमें आसपास के गाऊ ककीरा, भयकेड, देवीगाऊ गॉव, बकलोह , कालूगंज,चिलामा,घटासनी मामल,वलेरा,कुमलाड़ी तारागढ, औऱ लाहडू के लीगो ने भंडारे का आनंद लिया।

