चम्बा – भूषण गुरुंग
चम्बा के नए और पुराने बस अड्डों पर रात के समय पुलिस गश्त नाममात्र ही रहती है। नतीजतन, बस स्टैंड में रात्रि डयूटी पर रहने वाले कर्मचारियों को शराबियों और शरारती तत्वों से निपटना चुनौती से कम नहीं है। हैरत की बात यह है कि न्यू बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर पुलिस गुमटी भी बनाई गई है, लेकिन यहां पर ताला ही लटका हुआ है।
जिस कारण कई मर्तबा दोपहर के समय भी यहां टैक्सियों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे बसों की आवाजाही में दिक्कतें पेश आती है। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक ने साफ किया है कि बस स्टैंड पर गश्त बढ़ाने और बस स्टैंड के प्रवेश द्वार से टैक्सियों को हटाने को लेकर वह एसपी चंबा को पत्र लिखेंगे। हालांकि, पहले भी पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक उसके तहत कार्रवाई नहीं हो पाई है।

राज कुमार होली का कहना है कि रात के समय नये बस अड्डे पर पहुंचने पर सवारियां परेशान होती रहती हैं। क्योंकि, यहां पर काेई पुलिस कर्मी और जवान नहीं होता है इसलिए डर सा लगा रहता है।
दिनेश कुमार का कहना है कि कई सवारियों को सुबह तक बस के इंतजार में बैंच पर बैठ रात गुजारनी पड़ती है। शराब के नशे में या शरारती तत्वों के यदाकदा आ जाने पर उनकी परेशानियां बढ़ जाती है। रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाए जाने से सवारियों को भी राहत मिलेगी।
पंकज कुमार का कहना है कि रात के अंधेरे में बस स्टैंड में बैठने से डर सा लगा रहता है। क्योंकि सवारियों के पास सामान भी होता है, अगर रात के समय में पुलिस के जवानों की डयूटी हो तो हम बिना डरे रात गुजार सकते हैं।

मनसा राम का कहना है कि रात के समय बस स्टैंडों पर तैनात निगम कर्मचारियों को निहत्थे ही शराबियों और शरारती तत्वों से निपटना पड़ता है। गश्त भी कम रहती है। इतना ही नहींं, बस स्टैंड के प्रवेश दवार पर भी टैक्सियों का जमावड़ा लगा रहता है। जिससे बसों की आवाजाही में परेशानी आती है। पुलिस विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
एचआरटीसी क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह के बोल
एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि बस स्टैंड में रात के समय गश्त बढ़ाने और बस स्टैंड के प्रवेश द्वार पर टैक्सियों के लगने वाले जमावड़े को हटाने को लेकर पहले भी पुलिस विभाग को पत्र लिखा गया है। अब पुन: पत्र लिखकर पुलिस गश्त बढ़ाने समेत टैक्सियों को हटाने का आग्रह किया जाएगा।

