
नगरोटा सूरियां – शिव गुलेरिया
गैलेक्सी पब्लिक स्कूल नगरोटा सूरियाँ के बच्चों ने पितृ दिवस पर अपने – अपने हाथों से बनाए सुंदर – सुंदर कार्डो, चित्रों व कविताओं आदि से अपने – अपने पापा को सम्मान दिया ।
जो एक पिता के लिए सबसे हसीन पल होगा। उस क्षण भर के लिए सभी पिता अपनी दिन भर की थकान, जीवन की मुसीबतों और चिंताओं को भूल गए होंगे ।
आज की इस भाग – दौड़ भरी ज़िन्दगी में जब पिता थका हारा घर पहुँचता है और बच्चा नन्हें – नन्हें हाथों से पानी का गिलास लेकर भागा – भागा आता है तो यह देखकर पिता की सारी थकान दूर हो जाती है।
आज जब बच्चों ने अपने नन्हें – नन्हें हाथों से कार्ड बना कर दिया होगा तो वो दृश्य ही अलग होगा। उन में से कुछ दृश्य बच्चों ने साझा किए हैं ।
इस अवसर पर स्कूल के प्रबंधक निदेशक डॉक्टर गुलशन कुमार निर्देशिका किरण लता वैद्य ने भी विद्यार्थियों को उनके जीवन में पिता के स्थान से अवगत कराया। इसके साथ स्कूल के प्रधानाचार्य श्री अनुराग शर्मा जी ने बच्चों को बहुत ही भावपूर्ण शब्दों से पितृ महत्व को समझाया।
पिता रोटी है कपड़ा है मकान है, पिता नन्हे से परिंदे का बड़ा सा आसमान है, पिता है तो बच्चों के सारे सपने हैं, पिता है तो बाजार के सारे खिलौने अपने है।
