मंडी – अजय सूर्या
भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) की मंडी इकाई ने उपायुक्त महोदय के माध्यम से राज्यपाल महोदय को ज्ञापन दिया गया। जिसमें मांग की गई कि प्रदेश सरकार द्वारा गेस्ट टीचर भर्ती के फैसले पर आप उचित निर्णय ले और युवाओ के सपनों के तहत सरकारी नौकरी के प्रबन्ध करें।
नौजवान सभा अपनी स्थापना से लेकर अभी तक लगातार देश और प्रदेश स्तर पर “सबको शिक्षा, सबको काम” के नारे के साथ देश के नौजवानों को इकठ्ठा करते हुए रोज़गार के स्थाई स्वरूप को बचाए रखने की लड़ाई को लड़ती आई है।
DYFI का मानना है कि किसी भी देश में युवा सबसे महत्वपूर्ण मानव संसाधन होता है जो कि देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाता है। परंतु यह बहुत ही चिंता का विषय है कि हमारे देश में नवउदारवादी नीतियों के लागू होने के बाद से ही लगातार सरकारें ऐसी नीतियां लागू करती आई हैं, जिससे अधिक से अधिक बेरोजगारों की फौज खड़ी की जा सके।
और जो रोज़गार सरकारों के द्वारा उपलब्ध करवाया भी जा रहा है उसका स्वरूप स्थाई रोजगार से बदल कर अस्थाई कर दिया गया है जिसके चलते सरकारों ने लगातार सामाजिक सुरक्षा मुहैया करवाने की अपनी जिम्मेवारी से कदम पीछे खींचे हैं। DYFI हमेशा से ही सरकारों की इन नीतियों का पुरजोर विरोध करती आई है व स्थाई रोज़गार मुहैया करवाने के लिए लड़ाई लड़ती आई है।
पिछले दिनों हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के स्कूलों व महाविद्यालयों में गेस्ट टीचर भर्ती करने का फैसला लिया गया है, जिसके चलते प्रदेश के अंदर युवाओं के अधिकारों पर एक और कुठाराघात हुआ है।
DYFI का मानना है कि प्रदेश सरकार का यह फैसला प्रदेश के उन हजारों युवाओं के साथ खिलवाड़ है। जो एक स्थाई रोज़गार हासिल करने के सपने के साथ सालों साल कड़ी मेहनत करते है। अतः DYFI यह मांग करती है कि मंत्रिमंडल के इस फैसले को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए व अध्यापकों के पदों को स्थाई तौर पर भरा जाए।
यदि प्रदेश सरकार अपने इस फैसले को वापस नहीं लेती है तो DYFI को मजबूरन प्रदेश के युवाओं को लामबंद करते हुए आंदोलन की राह पकड़नी पड़ेगी जिसकी जिम्मेवारी प्रदेश सरकार की होगी।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर नौजवान सभा राज्य प्रधान सुरेश सरवाल, अजय वैद्य, अंकुर, पोविंदर, जय देव, इत्यादि ने हिस्सा लिया।

