हिमखबर डेस्क
आजादी के पहले से गुरकोठा में चल रहे डाकघर को शिफ्ट करने आई डाक विभाग की टीम को ग्रामीणों के भारी विरोध के चलते चुपचाप वापिस लौटना पड़ा।
बता दें कि बल्ह उपमंडल के तहत आने वाले गुरकोठा डाकघर को विभाग द्वारा यहां से लेदा शिफ्ट किया जा रहा है जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इस संदर्भ में ग्रामीणों ने सरकार को अपना मांग पत्र भी भेजे हैं जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
इसी बीच रविवार को डाक विभाग की टीम डाकघर का सामान शिफ्ट करने यहां पहुंच गई। लोगों को पता चला तो उन्होंने डाकघर का घेराव करके नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों के विरोध के चलते टीम को वापिस लौटना पड़ा।
स्थानीय निवासी सरदार जसपाल सिंह ने बताया कि गुरकोठा में यह ब्रांच पोस्ट ऑफिस 1947 के पहले से कार्यरत था और वर्ष 1978 में इसे सब पोस्ट ऑफिस का दर्जा दिया गया था। दशकों से मिल रही इस महत्वपूर्ण सुविधा को अचानक समाप्त किए जाने से क्षेत्र की जनता में भारी रोष है।
ग्रामीणों का कहना है कि पोस्ट ऑफिस हटने से पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों से संबंधित कार्य प्रभावित होंगे और उन्हें सभी में इसे अपडेट करवाने के लिए फालतू की मशक्कत करनी पड़ेगी।
इन्होंने डाक विभाग को चेतावनी दी है कि यदि गुरकोठा में डाक सेवा बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

