
शिमला- जसपाल ठाकुर
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दी जा रही स्टील की पानी बोतलों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है। मंडी जिले के कई स्कूलों में बच्चों को बांटी जा रही पानी की बोतलें टूटी हुई हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से सरकारी स्कूलों में बोतलें बांटी जा रही हैं। हिमाचल के नौवीं कक्षा के 90 हजार विद्यार्थियों को बोतलें दिए जाने की योजना है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की तस्वीर लगी इन बोतलों को मंडी जिले के कई स्कूलों में बांटा गया। कई विद्यार्थियों को इस दौरान तले से टूटी हुई बोतलें मिली। खराब मिली इन बोतलों को बदलने की कोई भी व्यवस्था नहीं है। लंबे समय बाद स्टील की बोतलें प्राप्त करने वाले बच्चे अब स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास बोतलों की सप्लाई पहुंच चुकी है। बच्चों की संख्या के हिसाब से ही बोतलें हर स्कूल को दी गई है। ऐसे में खराब बोतल को बदलने की कोई व्यवस्था नहीं है। बीते वर्ष स्टील की पानी बोतलों का सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरा था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन बोतलों को चयनित कंपनी के माध्यम से बदलवाया था। अब दोबारा कुछ बोतलों की गुणवत्ता खराब मिल रही है।
इस बाबत बोर्ड के सदस्य सचिव अपूर्व देवगण ने बताया कि शिक्षा विभाग से इस बारे में जानकारी मिलने पर मामले को देखा जाएगा। अभी कोई भी जानकारी उन्हें नहीं दी गई है। अगर बोतलों की गुणवत्ता ठीक नहीं है तो उन्हें बदला जाएगा।
