धर्मशाला – राजीव जस्वाल
गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए अब जिला प्रशासन ने क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब लोग बिना अनुमति के जमीन की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकेंगे।
उपायुक्त कांगड़ा डाॅ. निपुण जिंदल ने कहा कि कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए प्रदेश सरकार की ओर से भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी की गई है।
इसके तहत ग्रामीण अब अपनी आपत्तियां लिखित तौर पर 60 दिन के भीतर मिनी सचिवालय कांगड़ा में कमरा नंबर 214 में दर्ज करवा सकते हैं, इन आपत्तियों का 15 दिन के भीतर निपटारा भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों की किसी भी तरह की असुविधा नहीं हो।
वीरवार को एनआईसी के सभागार में गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भू अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ करने के बारे में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए भू-अधिग्रहण प्रक्रिया नियमों के तहत पूर्ण की जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक तौर पर पूरी तैयारी की गई है।
भू अधिग्रहण की प्रक्रिया के लिए मंडलायुक्त कांगड़ा को आयुक्त, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को प्रशासक और एसडीएम कांगड़ा को समाहर्ता नियुक्त किया गया है। कोई भी व्यक्ति समाहर्ता की पूर्व अनुमति के बिना अपनी पूरी या आंशिक भूमि का क्रय विक्रय या नाम परिर्वतन नहीं कर सकता है। इसके लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे। इस बैठक में एडीएम रोहित राठौर, उपनिदेशक पर्यटन विनय धीमान और एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी उपस्थित थे।
21 को 11 बजे बुलाए पंचायत प्रतिनिधि
भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ 21 जुलाई को प्रातः 11 बजे धर्मशाला में जिला परिषद के भवन में आवश्यक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें जिला प्रशासन संबंधित आठ पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तार से चर्चा करेगा।
गगल एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में आठ पंचायतों के 14 राजस्व गांवों की भूमि अधिग्रहित करना प्रस्तावित है। इसमें राजस्व गांव रच्छियालु, जुगेहड़, भड़ोल, कयोड़िया, बाग, बल्ला, बरसवालकड़, भेड़ी, ढुगियारी खास, गगल खास, झिकली इच्छी, मुगरहाद, सहौड़ा और सनौरा शामिल हैं।
पहले चरण में होगा भवनों, फलदार पौधों और फसलों का मूल्यांकन
उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से पहले भवनों, फलदार पौधों, पेड़ों और फसलों का मूल्यांकन कार्य आरंभ किया जाएगा। इसमें आउटसोर्स एजेंसी के साथ साथ राजस्व, उद्यान, वन और कृषि विभाग के कर्मचारी भी शामिल रहेंगे, ताकि मूल्यांकन कार्य पूर्ण पारदर्शिता के साथ करवाया जा सके। इसके लिए तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं।

