क्रिप्टो रैकेट में पंजाब के जीरकपुर से गिरफ्तारी, पंचकूला, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा के हैं आरोपी

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सुभाष का ऑफिस चलाने वाली युवती पंचकुला से गिरफ्तार, कार्यालय चालाने से लेकर, पैसा लेजाने वाले आरोपी गिरफ्तार, डीआईजी अभिषेक दुल्लर के नेतृत्व एसआईटी की बड़ी कार्रवाई

शिमला – नितिश पठानियां

क्रिप्टो रैकेट में हिमाचल पुलिस की एसआईटी ने पंजाब के जिरकपुर से अरोपियों की गिरफ्तारी की है। आरोपी पंचकूला और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जिला के रहने वाले हैं जो पंजाब के जीरकपुर छुपे हुए थे। एसआईटी ने मंगलवार को जीकरपुर सहित विभिन्न जगहों पर छापेमारी करके सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपी हिमाचल में लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के बाद जीरकपुर से छुपे हुए थे, जिन्हे हिमाचल पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। एसआईटी क्रिप्टो रैकेट में शामिल आरोपियों की संपत्ती सीज करने की तैयारी में है। एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में मास्टर माइंड सुभाष का ऑफिस चलाने वाली युवती को भी पंचकुला से गिरफ्तार है।

एसआईटी क्रिप्टो करंसी ठगी का कार्यालय चालाने से लेकर, पैसा लेजाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करके हिमाचल ले आई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से बीते 26 सितंबर को डीआईजी उत्तरी रेंज अभिषेक दुल्लर के नेतृत्व में आठ पुलिस अधिकारियों की एसआईटी बनाई थी। अभी तक की कार्रवाई में एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मात्र दो मास्टर सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तारी किया है।

मंगलवार को गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राधिका शर्मा निवासी पंचकुल्ला हरियाणा, अमित प्रदीप सिंह निवासी हमीरपुर, संजय कुमार निवासी मंडी,गोविंद गौ स्वमी निवासी कांगड़ा, केवल सिंह निवासी मंडी, दिगविजय सिंह निवासी मंडी, परस राम सेन निवासी मंडी के रूप में हुई है।

एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ है कि क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले से संबंधित पिरामिड योजना में आरोपियों ने अप्रत्याशित पीडि़़तों को लुभाने में शामिल थे। एसआईटी के अनुसार गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों की करोड़ों के क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी मामले में अलग-अलग भूमिकाएं पाई गई हैं।

पुलिस की एसआईटी की जांच में पता चला है कि पंचकूला से गिरफ्तार की गई युवती राधिका शर्मा मास्टर माइंड सुभाष के कार्यालय का काम देखती थी। इसके अलावा हमीरपुर का अमित सोशल मीडिया और पीआर के अलावा क्रिप्टो करंसी के नाम पर लोगों से ठगा हुआ पैसा लाने और लेजाने का काम देखता था।

आरोपियों में से एक डेटाबेस को बनाए रखने, संचार का समन्वय करने और धोखाधड़ी योजनाओं के तकनीकी पहलुओं की देखरेख सहित बैक एंड कार्यालय गतिविधियों के प्रबंधन में शामिल था। इसके अलावा एक अन्य आरोपी योजना से संबंधित वित्तीय लेनदेन का प्रबंधन सहित धन को जमा व निकासी से संबंधित कार्य को संभालता था।

डीजीपी संजय कुंडू के बोल

डीजीपी संजय कुंडू ने बताया कि एसआईटी द्वारा मंगलवार को गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने जनता से विशेष रूप से क्रिप्टो करेंसी में निवेश के अवसरों का सामना करते समय सतर्क रहने और सावधानी बरतने का आग्रह किया है। इस मामले से संबंधित जानकारी रखने वाले किसी भी व्यक्ति को आगे आने और चल रही जांच में सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करने का भी आग्रह किया है।

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