हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के इनर अखाड़ा बाजार में गुरुवार शाम को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक दरक गया।
मलबे और भारी पत्थरों के सड़क पर आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पहाड़ी के साथ लगते 5 से 6 मकानों को तुरंत खाली करवा दिया है।
निवासियों में दहशत का माहौल
घटनास्थल पर अभी भी रुक-रुक कर पत्थर और चट्टानें गिर रही हैं। गुरुवार रात दोबारा हुए भूस्खलन के कारण स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में दहशत का माहौल है।
मठ क्षेत्र से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों को रात के समय घरों में ठहरना भी असुरक्षित लग रहा है। हालांकि जिला प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं और स्थिति की पल-पल निगरानी की जा रही है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त एडवाइजरी जारी की है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित परिवारों के लिए त्वरित इंतजाम किए हैं।
बेघर हुए परिवारों के ठहरने और खाने की व्यवस्था स्थानीय गुरुद्वारे में की गई है। मलबे के कारण सड़क पर बार-बार जाम लग रहा है। प्रशासन ने सड़क किनारे खड़े सभी वाहनों को वहां से हटवा दिया है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
वहीं, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र में न जाएं और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। बता दें कि पहाड़ों पर बीते बुधवार से बारिश हो रही है, जिससे लैंडस्लाइड का खतरा और बढ़ गया है।
गौरतलब है कि इसी क्षेत्र में बीते मानसून सीजन के दौरान हुए भूस्खलन में एक मकान दबने से 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। पुरानी यादों और ताजा पत्थरों की बरसात ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।

