32 दिन बाद चार गांवों में नेटवर्क आया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के उपभोक्ताओं को अभी परेशान होना पड़ रहा है।
कुल्लू – अजय सूर्या
कुल्लू जिले की दुर्गम ग्राम पंचायत गाड़ापारली में आपदा के 32 दिन बाद मोबाइल नेटवर्क आया है। पंचायत के गांव शाक्टी, मरौड़, शुगाड़ और कुटला में निजी कंपनी ने मोबाइल नेटवर्क बहाल कर दिया है, जबकि इंटरनेट का उपयोग करने के लिए अभी ग्रामीणों को इंतजार करना पड़ेगा।
मोबाइल में नेटवर्क आने के बाद ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। एक-दूसरे का दुख दर्द जानकर भावुक हो उठे। महीने के बाद अपने रिश्तेदारों से संपर्क और बातचीत होने पर ग्रामीणों की आंखों से आंसू भी छलक उठे।
कुल्लू में नौ और दस जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण सैंज घाटी में अधिक नुकसान हुआ है। इससे दुर्गम ग्राम पंचायत गाड़ापारली के चार गांव शाक्टी, मरौड़, शुगाड़ और कुटला का देश-दुनिया से संपर्क कट गया था।
32 दिन बाद मोबाइल में नेटवर्क आने पर दोबारा जुड़ पाया है। ग्रामीण हीरा लाल, लगन राणा, मोती राम, प्रकाश, शेर सिंह, सेसराम, हीराचंद, डोलाराम ने कहा कि निजी कंपनी ने नेटवर्क बहाल कर दिया है।
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के उपभोक्ताओं को अभी परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने बीएसएनएल से दूरसंचार सेवाएं जल्द बहाल करने की मांग की है। वार्ड सदस्य निर्मला देवी ने कहा कि 32 दिन बाद चार गांवों में नेटवर्क आया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। उन्होंने प्रशासन और सरकार का आभार जताया है।
