
ब्यूरो – रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला की न्यूगल-खड्ड में अवैध खनन के लिए उतरे 6 से 7 लोग फंस गए. इनमें दो महिलाएं भी शामिल है. धीरा उपमंडल के तहत आते थुरल में रात 2 बजे न्यूगल में जल स्तर बढऩे से अवैध खनन में जुटे माफिया के 8 लोग बीच टापू में फंस गए।
घटना का सुबह पता चलने पर प्रशासन के सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत बचाव के लिए एनडीआरएफ और आर्मी को बुलाया गया। शाम 3 बजे तक बारिश के बावजूद बचाव कार्य जारी था लेकिन टैक्नीकल समस्या के कारण माफिया के लोगों को निकालने में परेशानी आ रही थी।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर लेकर यह लोग न्यूगल खड्ड में रेत-बजरी लेने उतरे थे, लेकिन इस दौरान खड्ड में अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और ट्रैक्टर समेत सभी खड्ड के बीचोंबीच बने टापू पर फंस गए हैं. उधर, गांववासी पूरे मामले के लिए स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि यहां स्थानीय प्रशासन की शह पर अवैध खनन किया जा रहा है जबकि जिस स्थान पर खनन हो रहा था वहां की दूरी थुरल पुलिस चौकी से मात्र एक किलोमीटर है।
लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस व माइनिंग विभाग को जानकारी देने के बावजूद खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। बता दें कि डीसी कांगड़ा ने भी बरसात के दिनों में नदी व नालों के किनारों पर जाने पर पाबंदी लगाई है। इसके बावजूद लोग नियमों की अवहेलना कर न्यूगल से खनन कर रहे हैं।
टापू पर सभी सुरक्षित बताए जा रहे है, लेकिन खड्ड के दोनों ओर बाढ़ की वजह से इन्हें रेस्क्यू कर पाना मुश्किल हो रहा है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF) के 22 जवानों के अलावा QRT और कसोल से सेना के जनाव भी रेस्क्यू में जुटे हुए हैं. इनका ट्रैक्टर नदी के बीचोंबीच फंसा हुआ है.
कांगड़ा जिला में बीती रात से भारी बारिश हो रही है. इससे जगह-जगह भूस्खलन और क्षेत्र के नदी-नालों में जल स्तर काफी बढ़ गया है. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त है. लगातार बारिश से लोगों की परेशानी बड़ी है.
खासकर कांगड़ा जिले में बारिश का कहर देखने को मिला है. यहां पर बीते 12 घंटे में 218 एमएम बरसात हुई है. इसके अलावा, धर्मशाला में भी बारिश का कहर देखा जा रहा है.
