
व्यूरो – रिपोर्ट
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हिमाचल प्रदेश के 43वें प्रांत अधिवेशन का आज शुभारंभ हो चुका है। मां शूलिनी की पावन धरा पर पुलिस ग्राउंड में शुरू हुए इस अधिवेशन के लिए पूरा सोलन ज़िला पोस्टर्स, दीवार लेखन, झंडों व फ्लैक्स के साथ विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं द्वारा सजाया जा चुका है।
इस अधिवेशन की शुरुआत प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ हुई जिसमें विद्यार्थी परिषद द्वारा साल भर में हुई गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रसिद्ध कलाकार एवम साहित्यकार पद्मश्री श्री विद्यानंद जी द्वारा किया गया जो इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए।
वहीं विद्यार्थी परिषद् के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की जबकि श्री अजय सूद जी कार्यक्रम अध्यक्ष रहे।
गौरतलब है कि 2 से 4 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रांत अधिवेशन में प्रदेश भर के सभी जिलों से आए हुए 800 से अधिक कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अभाविप के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार ने परिषद की 75 वर्षों की संघर्षपूर्ण यात्रा के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् हमेशा से ही दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समाज के लिए कार्य करती है।
वहीं कार्यक्रम के मुख्यातिथि पदमश्री श्री विद्यानंद जी ने संस्कृति एवम धरोहर विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे देश की जड़ों को सींचती है और इस संस्कृति को सहेज कर रखना देश के युवाओं का कर्तव्य है।
इसी के साथ अधिवेशन के प्रथम दिन के प्रस्तविक सत्र में उपस्थित छात्र, छात्राओं व प्राध्यापकों द्वारा वर्तमान समय में शैक्षणिक परिदृश्य के बारे में चर्चा की।
कल इस प्रांत अधिवेशन के दूसरे दिन का आरंभ ध्वजारोहण द्वारा किया जाएगा। साथ ही परिषद द्वारा सोलन जिला में विशाल शोभा यात्रा का आयोजन भी किया जाएगा। यह यात्रा पुलिस ग्राउंड सोलन से लेकर ओल्ड बस स्टैंड तक निकाली जाएगी जहां खुले अधिवेशन का आयोजन भी किया जायेगा।
जारीकर्ता:
विशाल वर्मा
प्रांत मंत्री,
हिमाचल प्रदेश
