
पठानकोट जोगेंद्रनगर रेल ट्रैक के नूरपुर रोड़ के तहत आते प्रदेश के प्रथम रेलवे स्टेशन कंडवाल पर स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधियों और लोगों ने गाड़ियों के रुकने की मांग को लेकर एक मांगपत्र प्रदेश सरकार व रेलवे विभाग को उच्चाधिकारियों को भेजा है।
कंडवाल, देवांश राजपूत
पठानकोट जोगेंद्रनगर रेल ट्रैक के नूरपुर रोड़ के तहत आते प्रदेश के प्रथम रेलवे स्टेशन कंडवाल पर स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधियों और लोगों ने गाड़ियों के रुकने की मांग को लेकर एक मांगपत्र प्रदेश सरकार व रेलवे विभाग को उच्चाधिकारियों को भेजा है। लोगों अनुसार पहले उक्त ट्रैक पर सात ट्रेनें आती जाती थीं जिनमें से पांच रेलगाड़ियां कंडवाल स्थित स्टेशन पर रुकती थीं लेकिन कोरोना महामारी के चलते मात्र चार रेलगाड़ियां चल रही हैं।
जिनमें से केवल एक गाड़ी का ही उक्त स्टेशन पर ठहराव हो रहा है जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है । लोगों अनुसार नजदीकी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोग रेल यात्रा सुविधा से वंचित हो गए हैं तो कंडवाल स्थित ऐतिहासिक मंदिर माता नागणी के दरवार में आने वाले श्रदालुओं को भी सेवा से वंचित होना पड़ रहा है। लोगों ने प्रदेश सरकार और रेलवे विभाग से मांग की है कि उक्त स्टेशन पर गाड़ियों के ठहराव का शीघ्र प्रावधान किया जाए ताकि लोग रेल यात्रा सुविधा का लाभ ले सकें।
कंडवाल पंचायत प्रधान नरेंद्र कुमार का कहना है कि पंचायत द्वारा कंडवाल स्थित स्टेशन पर गाड़ियों के नियमित ठहराव की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित कर प्रदेश सरकार के वन मंत्री राकेश पठानिया और रेलवे विभाग उच्चाधिकारियों को भेजा है। आशा है कि लोगों की मांग शीघ्र पूरी होगी।
कंडवाल पंचायत व नजदीकी जनता द्वारा रेल गाड़ियों के ठहराव की मांग उनके ध्यान में लाई गई है जिसे रेल विभाग के उच्चाधिकारियों समक्ष रखा गया है। शीघ्र ही समस्या का हल होने की आशा है । राकेश पठानियाँ वन एवम युवा सेवा खेल मंत्री हिमाचल सरकार
