कंगना रणौत के निर्वाचन को चुनौती का मामला, हाईकोर्ट में 29 जुलाई को दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया लिस्ट करने के आदेश

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शिमला – नितिश पठानियां

बॉलीवुड क्वीन व मंडी सीट से लोकसभा सांसद कंगना रणौत के निर्वाचन को चुनौती को लेकर याचिका पर हाईकोर्ट ने अब 29 जुलाई को अतिरिक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष दस्तावेजों की स्वीकृति और अस्वीकृति के लिए मामले को सूचीबद्ध करने के आदेश दिए।

कंगना की तरफ से याचिका का जवाब दायर करने के बाद हाईकोर्ट ने प्रार्थी लायकराम नेगी को प्रति उत्तर देने के लिए 4 सप्ताह का समय दिया था। प्रार्थी ने जवाब दाखिल कर दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट ने पिछले साल 24 जुलाई को प्रतिवादी सांसद कंगना को नोटिस जारी किया था।

हिमाचल हाईकोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ ने किन्नौर जिला के निवासी लायकराम नेगी की चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद उपरोक्त आदेश जारी किए हैं। प्रार्थी लायकराम नेगी ने लोकसभा चुनाव में अपने नामांकन पत्र को अनुचित तरीके से नामंजूर करने का आरोप लगाते हुए मंडी सीट के चुनाव को रद्द करने की मांग उठाई थी। प्रार्थी ने इस मामले में चुनाव आयोग के रिटर्निंग ऑफिसर डीसी मंडी को भी प्रतिवादी बनाया है।

प्रार्थी के अनुसार उसने 14 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के लिए मंडी सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। प्रार्थी का कहना है कि वन विभाग से असामयिक सेवानिवृत्ति के बाद उसने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष वन विभाग से जारी जरूरी नो ड्यूज सर्टिफिकेट नामांकन पत्र के साथ सौंपे थे।

नामांकन के दौरान प्रार्थी को कहा गया कि स्वतंत्र रूप से संबंधित विभागों द्वारा सरकारी आवास को लेकर जारी बिजली, पानी और टेलीफोन के नो-ड्यूज सर्टिफिकेट भी देने होंगे। उसे यह प्रमाणपत्र देने के लिए अगले दिन तक का समय दिया गया। 15 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जानी थी।

प्रार्थी के अनुसार 15 मई को उसने विभिन्न विभागों द्वारा जारी बिजली, पानी और टेलीफोन के नो ड्यूज सर्टिफिकेट सौंप दिए थे, लेकिन डीसी ने यह दस्तावेज लेने से इंकार कर दिया। डीसी ने कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि प्रार्थी के नामांकन में उपरोक्त नो ड्यूज सर्टिफिकेट न लगना एक बड़ी त्रुटि है, जिसे अब दूर नहीं किया जा सकता। साथ ही कहा कि ऐसे में प्रार्थी का नामांकन अस्वीकार कर दिया गया है।

प्रार्थी के अनुसार नामांकन अस्वीकार होने के कारण वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाया। प्रार्थी लायकराम नेगी के अनुसार नामांकन रद्द करने के लिए यह कोई बड़ी त्रुटि नहीं थी। यदि उसे चुनाव लड़ने का अवसर प्रदान किया जाता तो संभवत: वह लोकसभा चुनाव जीतने में कामयाब हो जाता। प्रार्थी ने मंडी सीट के लिए हुए लोकसभा चुनाव को रद्द करने की गुहार लगाई है, ताकि पुन: इस सीट के लिए चुनाव हो सके।

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