हिमखबर डेस्क
प्रतिभा सिंह ने कहा कि मंडी में दो युवाओं के बीच स्पर्धा होनी चाहिए। भाजपा ने कंगना रणौत को मैदान में उतारा है, तो उनके मुकाबले विक्रमादित्य सिंह समन्वय समिति की सही च्वाइस हैं। हालांकि अभी तक टिकट तय नहीं हुआ है। टिकट पर मुहर केंद्रीय चुनाव समिति लगाएगी।
प्रतिभा सिंह दिल्ली से लौटने के बाद शिमला में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहीं थी। उन्होंने कहा कि मुकाबला बराबरी वालों में होना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह यूथ आईकॉन हैं। समन्वय समिति के पास उन्हें चुनाव में उतारने का सुझाव आया था। जिस पर सभी ने सहमति जताई है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सांसद के तौर पर उनका टिकट काटना आसान नहीं है, लेकिन विक्रमादित्य सिंह चुनाव में उतरते हैं, तो उनके साथ मंडी के युवा कंधे से कंधा मिलाकर मैदान में चलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अन्य तीन सीटों पर भी उम्मीदवारों के नामों का लेकर चर्चा हुई है और सभी ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं।
कांगड़ा से पूर्व मंत्री आशा कुमारी ने नाम पर चर्चा हुई है। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में होगा। सभी नेताओं ने कोर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग में मिलजुल कर काम करने की बात कही है। सभी अपने मतभेद भूलकर फील्ड में उतरेंगे। प्रतिभा सिंह ने कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएंगे। प्रतिभा सिंह ने कहा कि कोई नेता बच्चा नहीं है जो उनकी बात मान लेंगे।
सरकार तवज्जो देती तो यह स्थिति नहीं आती
प्रतिभा सिंह ने कहा कि राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा बड़े चुनाव जीतकर आए थे। उनकी सरकार से उम्मीद थी। सरकार तवज्जो देती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। विक्रमादित्य सिंह को पार्टी हाईकमान ने ही बागियों को मनाने की सलाह दी थी। इसके बाद ही विक्रमादित्य सिंह बागियों से मिलने गए थे।
राज्य सरकार ने अपने घोषणापत्र में शामिल बातों को पूरा करने का प्रयास शुरू किए हैं। ओल्ड पेंशन को लागू किया है। महिलाओं को 1500 रुपए देने की योजना लाहुल-स्पीति से लागू की गई है। दूध के दाम भी बढ़ाए गए हैं। पांच साल में सभी वादे पूरे होंगे।

