इंदौरा – मोनू ठाकुर
स्वयं भू आद शिवलिंग, प्राचीन एवं ऐतिहासिक शिवमंदिर काठगढ, इंदौरा ,हिमाचल प्रदेश में श्रावण मास महोत्सव धार्मिक अनुष्ठानों की धारा परबाह में आज मंदिर सुधार सभा द्वारा श्री मदभागवत कथा का आयोजन किया गया। जिसमे प्रथम दिन में आज महान कथावाचक महेश कृष्ण ठाकुर वृन्दावन बाले द्वारा सूंदर प्रवचनों कथा का व्याख्यान किया।
जिसमे तुंगभंगा नदी के किनारे के एक गांव था वहां पर आत्म देव नाम का एक ब्राह्मण और उसकी पत्नी धुंधली रहती थी आत्म देव तो सज्जन था लेकिन उसकी पत्नी दुष्ट प्रवृति की थी। आत्म देव बहुत उदास रहता था क्योंकि उसको कोई संतान नहीं हो रहा था।
रविवार को पहला दिन कथा का शुभारंभ आयोजन से जुड़े सभा के प्रधान ओम प्रकाश कटोच, कार्यालय सचिव जोगिंदर पाल भारद्वाज, सचिव गणेश दत्त, प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा, सलाहकार कृष्ण मन्हास, संगठन सचिव प्रेम सिंह, रघुनाथ सिंह, नवीन उप्पल जी ने भगवान की पूजा कर किया।
इसके बाद वृंदावन धाम से आए परम पूज्य महेश कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा सुनाते हुए भक्ति रस से सराबोर भजनों की प्रस्तुतियां दी। व कथा में परम पूज्य महेश कृष्ण ठाकुर जी महाराज ने ईश्वर के प्रति नास्ता रखने वाले धुंधकारी की कथा के प्रसंग सुनाए।
कथा वाचक जी ने भगवान गोकरण जी के जन्म की कथा सुनाते हुए उनकी ईश्वर के प्रति अटूट भाव का भी वर्णन किया।
इसके साथ उन्होंने कहा की महादेव महाकाल के भक्त कभी भी आकाल मृत्यु को प्राप्त नही होता। और श्रीमद्भागवत कथा का प्रसंग करवाने व सुनने से पितरों का कल्याण होता है।

कथावाचक आचार्य द्वारा कथा के दौरान संगीतमय प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस का पान करवाया। इस अवसर पर उपस्थित श्रोताओं ने भजनों की प्रस्तुतियों के साथ ही जमकर ठुमके भी लगाए।आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ रविवार की कथा को विराम दिया गया।
सभा के प्रेस सचिव सुरिंदर शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि कल की कथा का दूसरा अंक दोपहर दो बजे से पांच बजे तक चलेगा।

