एनएसयूआई के 52वें स्थापना दिवस पर एनएसयूआई शाहपुर डिग्री कॉलेज के छात्रो ने इंदिरा गांधी को दी श्रधांजलि

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शाहपुर – नितिश पठानियां

विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन ‘भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI)’ के 52वें स्थापना दिवस के अबसर पर एनएसयूआई शाहपुर डिग्री कॉलेज के छात्राओं ने कांग्रेस कार्यलय रैत में पूर्व एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष एव प्रदेश कांग्रेस महासचिव केवल सिंह पठानिया के साथ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर फूल अर्पित करके श्रधांजलि दी।

इस अवसर पर स्थानीय कांग्रेस नेता केवल सिंह पठानिया ने देश प्रदेश के भारतीय छात्र संगठन के सभी छात्र छात्राओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

पठानिया ने कहा कि विश्व में छात्र आंदोलन के मायने लगभग सभी जानते है। विशेष रूप से छात्र आंदोलन का महत्व और इसकी भूमिका किसी भी देश की स्वतंत्रता के परिपेक्ष में अधिक जानी जाती है। किसी भी देश की आज़ादी छात्रों एवं युवाओं के त्याग और बलिदान के बिना सम्भव नहीं हुई यह एक सर्वभोमिक सत्य है।

हमारे देश में भी दादा भाई नरोज़ी ने वर्ष 1848 में The student’s scientific and historic society का गठन कर इस ब्रहमास्त्र के इस्तेमाल की नीव रख दी थी।

पहली छात्रों की हड़ताल Kings Edward Medical College Lahore में हुई। फिर तो पूरे देश में विभिन्न नामो से बनी छात्र इकाइयों ने आंदोलनों की एक से बड़कर एक मिसाल पैदा कर अंग्रेजो के छक्के छुड़ा दिए। Charka Swaraj first, and education after” की बुलंद आवाज़ फिरंगियो की नींद हराम कर रही थी।

क्योंकि कांग्रेस का जन्म ही स्वतंत्रता आंदोलन के गर्भ से हुआ था तो स्वाभाविक है छात्रों को संगठित करने का कार्य भी राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेताओं ने किया।

देश में हर स्तर पर छेत्रिय समस्याओं को लेकर छात्रों के आंदोलन बढ़ रहे थे ऐसे में कांग्रेस नेताओं ने छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए 1906 में all India college Students Conference का गठन किया ततपस्चात इस संगठन को All India Students Congress Federation के नाम से जाना जाने लगा।

1947 में विधिवत रूप से (AISCF ) का विलय NSUI में कर दिया गया और NSUI कांग्रेस का औपचारिक छात्र संगठन बन गया। NSUI तथा इससे पूर्व के सम्बंधित संगठन देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े छात्र संगठन है। जहाँ इनके संघर्ष से देश को नामी गरामी नेतृत्व मिला वही दूसरी और 1848 से लेकर आज तक देश के छात्रों और नोजवानो को जाती, धर्म, भाषा तथा छेत्रवाद से ऊपर उठकर अनेकता में एकता के सिद्धांत को मज़बूत करने में लगाया। जो भी इस संगठन से जुड़ा वह सच्चा भारतीय बन गया।

व्यापक सोच ही देश की एकता का मूल मंत्र है जिसका छात्र जीवन से ही प्रदीपादित होना अति आवश्यक है। यही है NSUI का स्वर्णिम इतिहास जो अखंड भारत को सदैव गोरवान्वित करता रहेगा। इस अवसर पर हम प्रण लेते हैं कि विगत 51 वर्षों से छात्रों की समस्याओं को हल करवाने व उनके हितों की रक्षा की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी।

पठानिया ने कहा कि आज देश मे सम्प्रदायिक ताकते देश को तोड़ने की कोशिश में लगी है और धर्म के नाम पर आपस में भाई चारे को खत्म करने में लगी है। ये भारतीय छात्र संगठन ओर कांग्रेस पार्टी कभी भी इनके मंसूबो को पूरा नही होने देंगे।आज देश की जनता हर क्षेत्र में तँग है। जनता रोजमर्रा की चीजों की महंगाई से तंग हो चुकी है।लेकिन तानाशाही सरकार जनता को नही देख रही है। बल्कि पूंजीपतियों की सेवा में लगी है।

इस मौके पर विनय ठाकुर सोशल मीडिया ब्लॉक् कांग्रेस प्रभारी, पूर्व जिला महासचिव आशीष ठाकुर भरमौरी, कैंपस अध्यक्ष शाहपुर एनएसयूआई शोभित राणा, प्रभारी एनएसयूआई शाहपुर मनिंदर शर्मा, अखिल शर्मा, वर्णव कटोच, अमित, अनु, विपल पटाकू जागीर सिंह,कपिल कुमार,हितेष चौधरी सहित NSUI के छात्र मोजूद थे।

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