बंदूक से जान नहीं जाएगी; सिर्फ धमाके से भाग जाएंगे जानवर, एग्रो इंडस्ट्रीज कर रहा कृषि विभाग के लिए रेट कांटै्रक्ट
शिमला – नितिश पठानियां
हिमाचल कृषि प्रधान प्रदेश है मगर यहां खेती कर रहे किसान जानवरों की समस्या से काफी ज्यादा जूझ रहे हैं। एक तरफ मौसम की बेरुखी उनकी फैसलों को बर्बाद कर रही है, तो दूसरी ओर जानवर उनकी खेती को तबाह कर रहे हैंं। आज बड़ी संख्या में किसान इस कारण से खेती से ही विमुख हो रहे हैं, जिनको वापस खेती की तरफ लाने के लिए सरकार भी प्रयास कर रही है।
जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के किसानों को सरकार अब खेती बचाने के लिए एग्री कैनन गन देने की तैयारी में है। यह इस तरह की गन है, जो किसी जानवर के लिए जानलेवा साबित नहीं होगी, बल्कि जानवरों को खेतों से भगाने में सहायक सिद्ध होगी। इस गन की खरीद के लिए कृषि विभाग ने एग्रो इंडस्ट्रीज कारपोरेशन को रेट कांटै्रक्ट करने के लिए कहा है।

एक कंपनी को फाइनल भी कर दिया गया है। अभी तक तय हुआ है कि कंपनी छह हजार रुपए में कृषि विभाग को प्रति गन के हिसाब से मुहैया करवाएगी और कृषि विभाग इसकी डिमांड के अनुसार खरीद करेगा। बताया जा रहा है कि इस गन को चलाने से एक जोरदार धमाका होता है।
आसपास में उस धमाके की गूंज इतनी ज्यादा होती है कि बड़े से बड़ा जानवर उसे सुनकर वहां से भाग जाएगा। इससे उसको कोई नुकसान भी नहीं होगा और खेत को भी बचाया जा सकेगा। इस गन में कैल्शियम कार्बोनाइट डाला जाता है, जिसमें पानी भी मिलाना होगा और उसके बाद यह गन काम करती है। कोई भी व्यक्ति इस गन को आसानी से चला सकता है।
बता दें कि एग्रो इंडस्ट्रीज उद्यान विभाग व कृषि विभाग के लिए उपकरणों की खरीद की नोडल एजेंसी है, जो रेट कांट्रैक्ट करती है। हिमाचल प्रदेश में किसान जानवरों की समस्या से काफी ज्यादा जूझ रहे हैं। ऐसे में उनके लिए यह किफायती कदम होगा कि वे ये गन खरीदें। डिमांड के मुताबिक इसमें आगे कुछ सबसिडी भी मिल सकती है।

