एक ने घर तो दूसरे ने पिता की दुकान में कई बार किया नाबालिग से दुष्कर्म, अदालत ने सुनाई 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा

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व्यूरो रिपोर्ट

नाबालिग से दुष्कर्म के दो दोषियों को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) मंडी की अदालत ने विभिन्न धाराओं में 20-20 साल के कठोर कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पीडि़ता को एक साल के अंदर न्याय मिला है।

बकौल जिला न्यायवादी मंडी कुलभूषण गौतम, पीडि़ता की मां ने 27 जून, 2021 को महिला थाना मंडी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी बेटी को अपने घर ले जाकर रमन निवासी तल्याहड़ तहसील सदर मंडी ने कई बार दुष्कर्म किया था।

दूसरे दोषी गगन निवासी तल्याहड़ ने भी पीडि़ता के पिता की दुकान में पीडि़ता के साथ कई बार दुष्कर्म किया था। दोनों दोषियों ने पीडि़ता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसको जान से मार देंगे। शिकायत मिलने के बाद महिला थाना मंडी में दोनों के विरुद्ध दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ था।

मामले की जांच निरीक्षक रीता शर्मा, उपनिरीक्षक डिंपल कुमारी ने की थी। जांच पूरी होने पर न्यायालय में चालान दायर किया था। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में 22 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए थे। सरकार की तरफ से पैरवी विशेष लोक अभियोजक विनोद चौधरी ने की।

अभियोजन एवं बचाव पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने रमन व गगन को धारा 376 एबी के तहत दुष्कर्म के दोष 20-20 साल के कठोर कारावास के साथ 50,000-50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

धारा 377 के तहत 10-10 साल के साधारण कारावास व 5000-5000 जुर्माने की सजा, जान से मारने की धमकी देने पर एक-एक साल साधारण कारावास के साथ 1000-1000 जुर्माने की सजा और पोक्सो अधिनियम की धारा चार और छह के तहत दोनों दोषियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50000-50000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

जुर्माना अदा न करने की सूरत में न्यायालय ने दोषियों को दो से छह माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भी सुनाई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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