एंबुलेंस चालक का छलका दर्द, रोते हुए बोला अब अपने देश में नहीं, विदेश में करूंगा नौकरी।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में 102 व 108 एंबुलेंस सेवा कर्मियों की हड़ताल लगातार जारी है। बीती शाम इन कर्मियों ने मंडी शहर में सीटू के बैनर तले विशाल मशाल जुलूस निकाला और जमकर नारेबाजी की।
इस मौके पर कर्मियों ने कंपनी प्रबंधन और प्रदेश सरकार पर दिन-रात शोषण करने के आरोप लगाए। मंडी शहर में इन कर्मियों ने सेरी मंच से लेकर आईटीआई चौक तक मशाल जुलूस निकाला।
इस दौरान मीडिया के समक्ष नम आंखों से अपना दर्द बयां करते हुए एंबुलेंस चालक कमलजीत ने बताया कि वह पिछले 15 सालों से लगातार दिन-रात 12-12 घंटे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ओवरटाइम करने का उन्हें एक भी पैसा नहीं दिया जा रहा है।
आज उनके भाई विदेशों में लाखों रुपए कमा रहे हैं, लेकिन यहां की भ्रष्ट सरकार उन्हें मात्र 12 हजार का वेतन दे रही है। इस नाममात्र के वेतन में उनका गुजारा संभव नहीं है और वे अब देश छोड़ विदेश में नौकरी करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। यहां की सरकार नौकरी के नाम पर केवल कर्मचारियों के साथ छलावा कर रही है।
102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन जिला प्रधान के बोल
102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान सुमित कुमार ने बताया कि वे सरकार से न्यूनतम मजदूरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। इसके साथ ही मजदूरों और श्रमिकों के हक में बनाए गए श्रम कानूनों और कोर्ट के आदेशों को भी सरकारें दरकिनार कर रही हैं।
दूसरी ओर कंपनी प्रबंधन भी अब तानाशाही पर उतर आया है और अपने हक में आवाज उठाने वाले कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। लेकिन अब सरकार व कंपनी की मनमानी एंबुलेंस कर्मी बिल्कुल भी बर्दाश्त करने वाले नहीं हैं। आने वाले समय में उनकी यह हड़ताल और उग्र रूप ले सकती है।
बता दें कि ये कर्मी अपनी मांगों को लेकर पांच दिवसीय हड़ताल पर हैं, जिसका असर प्रदेश के सभी बड़े अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं पर साफ-साफ दिख रहा है। वहीं, इस बीच मरीजों को हो रही दिक्कतों ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है।

