
बिलासपुर – सुभाष चंदेल
स्वास्थ्य क्षेत्र में लोगों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाने के दावे भी ऊंचे मंचों से किए जाते रहे हैं, लेकिन धरातल पर यह दावे मात्र ख्याली पुलाव से बढ़कर कुछ नहीं है।
हालात यह हैं कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में दर्द से कराह रहे मरीज को समय पर बड़े अस्पताल के लिए ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा तक नहीं मिल सकी।
बंदला निवासी मरीज फिंफड़ी देवी के साथ आए तीमारदार काला राम ने बताया कि उसकी माता तीन दिन से क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में पेट दर्द का इलाज करवा रही थी, लेकिन दर्द से राहत न मिलने पर मरीज को आइजीएमसी शिमला रेफर किया गया। इसके बाद वह 11 बजे से एंबुलेंस के लिए इधर-उधर भटकते रहे।
तीमारदार का कहना है कि अस्पताल में एक एंबुलेंस मौजूद थी, लेकिन उसे भी यह कहकर भेजने से मना कर दिया कि यह एंबुलेंस दूसरे मरीज को लेकर जाएगी। इसके बाद पीडि़त को टैक्सी करके मरीज को ले जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि टैक्सी में कोई भी सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। यदि रास्ते में कोई दिक्कत होती तो मरीज की जान भी जा सकती थी।
क्या कहते है अधिकारी
संजीव कुमार, एमएस, क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर ने बताया कि मामला ध्यान में आया है, मामले की जांच की जा रही है। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में तीन एंबुलेंस हैं, लेकिन अस्पताल में एक जहर का मामला तथा एक सांप के काटने का मामला सामने आया था जिसके कारण एंबुलेंस मौजूद नहीं थी।
