कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट पर दागी मिसाइलें; सऊदी अरब, कुवैत, यूएई के ऊर्जा ठिकानों पर भी निशाना।
हिमखबर डेस्क
अपनी सबसे बड़ी पार्स गैस फील्ड पर हमले से बौखलाए ईरान ने अमरीका के सहयोगी चार मिडल ईस्ट देशों के ऊर्जा ठिकानों पर जोरदार हमला बोल दिया।
ईरान ने सऊदी अरब के यानबू की सामरेफ ऑयल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिससे वहां ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा।
कतर के रास लफान गैस प्लांट पर भी हमला किया गया, जहां आग लग गई और भारी नुकसान हुआ। यहां से अब गैस सप्लाई में पांच साल लग सकते हैं। कुवैत के मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया।
इसी तरह यूएई के अलग-अलग ऊर्जा ठिकानों और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए गए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने कहा है कि ईरान की ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों का जवाब अभी खत्म नहीं हुआ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर दोबारा हमला हुआ, तो उसका जवाब और खतरनाक होगा। उधर, अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजराइल के हमले के बारे में अमरीका को कुछ भी जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया में जो कुछ भी हुआ है, उससे ‘गुस्से में आकर’ इजरायल ने हिंसक तरीके से ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हिंसक हमला किया है। अमरीका को इस हमले का पता नहीं था, न उन्हें इसका अंदाजा था कि ऐसा कुछ होने वाला है।
इसके अलावा कतर की इस हमले में कोई भी भूमिका नहीं थी। टं्रप ने कहा कि ईरान का कतर की एलएनजी गैस सुविधा के एक हिस्से पर हमला अनुचित और अन्यायपूर्ण है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि ‘इस अत्यंत महत्त्वपूर्ण और बहुमूल्य साउथ पार्स फील्ड में इजरायल अब कोई और हमले नहीं करेगा, हालांकि यह भी चेतावनी दी कि जब तक ईरान ‘मूर्खतापूर्ण ढंग से बेहद निर्दोष’ देश कतर पर हमला करने का फैसला नहीं करता।
अगर ईरान ऐसा करता है, तो अमरीका, इजरायल की मदद या सहमति के बिना या उसके साथ पूरे साउथ पार्स गैस फील्ड को इतनी ताकत और शक्ति से उड़ा देगा जैसा ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा।
‘साउथ पार्स फील्ड’ (जिसे कतर के साथ साझा किया जाता है और वहां इसे ‘नॉर्थ फील्ड’के नाम से जाना जाता है) दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है। यह ईरान के कुल गैस उत्पादन का लगभग 70-75 प्रतिशत हिस्सा प्रदान करता है।
ईरान के तेल से बैन हटा सकता है अमरीका
जंग के बीच अमरीका ईरान के तेल पर लगे बैन में ढील दे सकता है। अमरीकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप सरकार ईरान से जो तेल पहले से बाहर जा रहा है, उस पर लगी पाबंदियां कुछ समय के लिए हटा सकती है।
ईरान पर भले ही अमरीकी पाबंदियां लगी हों, लेकिन फिर भी ईरान कुछ देशों को चोरी-छिपे या खास तरीकों से तेल बेच रहा है। अब अमेरिका यह सोच रहा है कि जो तेल वैसे भी बाजार में आ रहा है, उस पर लगी पाबंदियों को कुछ समय के लिए ढीला कर दिया जाए, ताकि सप्लाई खुलकर बढ़ सके और कीमतें कम हो सकें।

