
चम्बा – भूषण गुरुंग
जिले की 650 आशा कार्यकर्ताओं को अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने कोविड भत्ते का भुगतान नहीं किया है। 1000 रुपये प्रति माह के हिसाब से आशा कार्यकर्ताओं को अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक यह भत्ता दिया जाना था। इसको लेकर सरकार ने पांच माह पहले अधिसूचना भी जारी कर दी थी लेकिन अभी तक इस अधिसूचना के मुताबिक उन्हें भत्ता नहीं मिल पाया है। इसको लेकर आशा कार्यकर्ताओं में सरकार के प्रति नाराजगी है।
गौरतलब है कि कोरोना काल में जहां आम लोगों को अपने घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी जा रही थी तो वहीं आशा वर्कर अपनी जान की परवाह किए बिना नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रही थीं। उन्होंने कोरोना संक्रमितों को उनके घरों में जाकर उनके स्वास्थ्य जांच में अपनी अहम भूमिका अदा की है।
इसके अलावा कोरोना वैक्सीनेशन में भी आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी अहम भूमिका निभाई। आशा कार्यकर्ता आज भी टीकाकरण शिविरों में लोगों को बूस्टर डोज लगाने में मदद कर रही हैं। कोरोना काल में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं देने वाली आशा कार्यकर्ताओं को सरकार कोविड भत्ता जारी करने में विलंब कर रही है। इससे इन कर्मचारियों का मनोबल गिरा है।
जब सरकार ने इस भत्ते की घोषणा की थी तो उस समय आशा कार्यकर्ताओं में काम करने का जुनून भर गया था। उन्हें उम्मीद थी कि 12,000 रुपये के रूप में उन्हें कोविड भत्ता मिलेगा लेकिन अभी तक उन्हें यह भत्ता नहीं मिल पाया है। इसको लेकर जब भी आशा कार्यकर्ताओं ने विभाग के अधिकारियों से बात करनी चाही तो उन्हें मात्र आश्वासन ही मिले।
क्या कहते है अधिकारी
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि सरकार ने अधिसूचना जारी की थी। इसको लेकर बजट मिलते ही आशा कार्यकर्ताओं को उनके भत्तों का भुगतान कर दिया जाएगा।
