आज पेश होगा केंद्रीय बजट; राहत की उम्मीद, वित्त मंत्री सीतारमण नौवां बजट पेश कर संसदीय इतिहास में बनाएंगी नया रिकॉर्ड

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हिमखबर डेस्क 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश कर देश के संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज करने वाली हैं।

महंगाई के दबाव, रोजगार की चुनौती और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस बार बजट से मिडल क्लास को टैक्स राहत, इंफ्रास्ट्रक्चर में रिकॉर्ड निवेश, किसानों और एमएसएमई के लिए सपोर्ट और ग्रीन एनर्जी को नई रफ्तार जैसी बड़ी घोषणाओं की उम्मीद जताई जा रही है।

इंडस्ट्री को भी जीएसटी में राहत मिलने की कुछ उम्मीद है। आम आदमी को भी इससे काफी उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार इस बजट में विकास और वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर सकती है।

सरकार डिफेंस बजट के लिए पिटारा खोल सकती है, जिससे डिफेंस स्टॉक्स में तेजी आ सकती है। बजट 2026 से उम्मीद है कि इनकम टैक्स सुधारों का सिलसिला जारी रहेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि टैक्स के नियमों को और भी सरल बनाया जाए, उनमें स्पष्टता लाई जाए, लोगों का भरोसा बढ़ाया जाए और देश में निवेश को बढ़ावा मिले।

देश का मध्यम वर्ग, जो सबसे बड़ा करदाता समूह है, इस बार बड़ी राहत की उम्मीद कर रहा है। महंगाई दर और शहरी जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए, वित्त मंत्रालय स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 से बढ़ाकर 1,00,000 करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

इसके साथ ही, नई कर व्यवस्था के तहत 13 लाख रुपए तक की आय को पूरी तरह टैक्स फ्री करने की घोषणा हो सकती है। यह कदम न केवल मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ाएगा, बल्कि बाजार में मांग को बढ़ाकर ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को भी संजीवनी देगा।

भारत के रक्षा बजट में बड़ा बदलाव आने वाला है। आने वाले बजट में रक्षा उपकरणों की खरीद पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा नई खरीद और आधुनिकीकरण पर खर्च होगा।

यह पैसा खास तौर पर भारत में ही बने रक्षा सामानों की खरीद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2027 के लिए रक्षा उपकरणों की खरीद के बजट में लगभग 20 फीसदी की बढ़ोतरी मांगी है। यह अब तक की सबसे बड़ी एक साल की बढ़ोतरी होगी।

मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह भारत में बने रक्षा सामानों की खरीद को पहली प्राथमिकता देगा। इससे डिफेंस स्टॉक्स में तेजी देखी जा सकती है।

सस्ते इलाज की आस

आगामी यूनियन बजट 2026-27 के लिए हैल्थ सेक्टर ने सरकार से कुछ खास उम्मीदें लगाई हैं। वे चाहते हैं कि सरकार देश के बड़े लक्ष्यों और आम लोगों के लिए इलाज को सस्ता बनाने के बीच की खाई को पाटे।

हैल्थ सेक्टर चाहता है कि सरकार डिजिटल तकनीकों को अपनाने पर जोर दे और मेडिकल उपकरणों पर टैक्स को कम करे। इससे इलाज और सस्ता हो सकेगा। यह कदम देश को स्वस्थ बनाने और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा।

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