
नालागढ़ की नंड पंचायत के खरपाना गांव में गरीब परिवार का उजड़ गया आशियाना, पूरा परिवार सर्द मौसम में खुले आसमान में जीने को मजबूर, मदद के लिए कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव बावा हरदीप पहुँचे मौके पर, नुक्सान का लिया जायदा, पार्टी व सरकार की और से जल्द उचित मुआवजा देने का आश्वासन, मौके से ही स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को संपर्क करके जल्द मामले में मुआवजा राशि देने की कही गई बात
बीबीएन – रजनीश ठाकुर
एक तो दिसंबर माह की हाड ठिठोर्ती सर्दी और ऊपर से एक परिवार का उजड़ गया आशियाना, भीषण आग ने पूरे घर को कर दिया सवाह,अब पूरा परिवार सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को है मजबूर। जी हां हम बात कर रहे हैं नालागढ़ के तहत खरपाना गांव की
जहां बीते वीरवार को जब पूरा परिवार किसी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गया था तो अचानक पीछे से उनके घर में भीषण आग लग गई और आग लगने के कारण दो मंजिला मकान जलकर खाक हो गया और इस मकान में कुल 11 कमरे थे और 11 कमरों में रखी हुई ज्वेलरी फर्नीचर और घर का अन्य सामान जलकर राख हो गया। इस 11 कमरों के मकान में बस अकेली दीवारें ही बची है और सारा समान खत्म हो चुका है अब परिवार सरकार और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
अग्निकांड की खबर सुनते ही कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव बावा हरदीप सिंह पीड़ित परिवार का दुख साझा करने के लिए उनके घर पहुंचे और हुए नुकसान का उनकी ओर से जायजा लिया गया। सरकार और उनकी पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन भी दिया गया। वहीं बावा हरदीप सिंह ने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को मौके से ही संपर्क साधा और उन्हें जल्द मामले में मुआवजा दिलवाने की बात कही गई है।
इस बारे में पीड़ित परिवार के सदस्यों से जब हमने इस बारे में बातचीत की तो उनका कहना है कि वह किसी समारोह में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए थे और घर के एक कमरे में ताला लगा हुआ था। दोपहर को अचानक उनके घर में आग लग गई।
जिसके कारण उनका पूरा घर जलकर सवाह हो चुका है और अब वह सरकार और प्रशासन से हुए नुकसान का उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि मौके पर तहसीलदार रामशहर पहुंचे थे और उनकी ओर से पूरी राशि के तौर पर 5000 की मदद की गई थी और सुबह-सुबह कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव बावा हरदीप सिंह पहुंचे और उन्होंने ₹10000 की आर्थिक मदद होने दी है।
आप बता दें कि इस अग्निकांड में एक गरीब परिवार का पूरा आशियाना ही उजड़ गया और पूरा परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और दूसरी और सर्दी का मौसम है ऐसे में खुले आसमान के नीचे पूरे परिवार के लोगों को ठंड से बुरा हाल है और परिवार की महिलाओं का भी रो-रोकर हाल बेहाल है।
अब देखना यही होगा कि कब सरकार और प्रशासन की ओर से इस पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा राशि देकर मदद की जाती है और कब इस परिवार पर आए दुखों के बादल हटते हैं।
