
कई आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को नौ माह पहले एक्सपायर हो चुके राजमा के बंद पैकेट बांट दिए गए। पैकेट पर एक्सपायरी डेट होने के बावजूद राजमा बांटने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चम्बा- भूषण गूरुंग
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के कबायली क्षेत्र पांगी के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। कई आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों को नौ माह पहले एक्सपायर हो चुके राजमा के बंद पैकेट बांट दिए गए।
पैकेट पर एक्सपायरी डेट होने के बावजूद राजमा बांटने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल यह है कि किसके निर्देशों पर एक्सपायर हो गए राजमा के पैकेट बांट दिए गए। अफसरों ने भी इस बात से पल्ला झाड़ लिया है और जांच का तर्क दिया है।
जनजातीय क्षेत्र पांगी में अक्तूबर से लेकर अक्तूबर माह तक आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार वितरित किया जाता है। पोषाहार के रूप में नौनिहालों को दलिया, राजमा, चावल, चने, चीनी, दूध, बिस्कुट दिए जाते हैं।
इसी कड़ी में पांगी के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार का वितरण तिया गया। इसमें राजमा भी दिए गए। जब अभिभावकों ने पैकेट देखा तो पता चला कि राजमा नौ माह पहले एक्सपायर हो चुके हैं।
पैकेट पर पैकिंग की तिथि अगस्त 2020 लिखी है। पैकिंग के छह माह बाद तक ही यह खाने लायक हैं। हैरत है कि राजमा का वितरण दिसंबर 2021 में किया गया। विभागीय कार्यप्रणाली पर लोगों ने सवाल खड़े किए हैं। कबायली क्षेत्र पांगी में करीब 200 आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
अभिभावकों ने नाम न बताने की शर्त पर आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले न्यूट्रीशियन की जांच कर कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
आवासीय आयुक्त पांगी बलवान चंद ने बताया कि उनके पास इस बारे कोई शिकायत नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर कोताही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। नौनिहालों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी बालकृष्ण शर्मा ने बताया कि अभी तक मामले की शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा है तो जांच की जाएगी और कोताही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
