अरुणोदय शर्मा को दुलार तो मिला, सम्मान नहीं…पहली बार प्रदेश स्तर पर मिलेगा विशिष्ट सम्मान

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शिमला – नितिश पठानियां 

हिमाचल प्रदेश का अद्वितीय बालक अरुणोदय शर्मा अपनी प्रतिभा और क्षमता के बूते लाखों प्रशंसकों के दिलों में राज करता है।

हाजिर जवाबी अरुणोदय को “गॉड गिफ्ट” है, यहां तक की अमिताभ बच्चन जैसी हस्ती भी बालक की वाकपटुता की मुरीद है।

अब पहली बार अरुणोदय शर्मा सरकारी स्तर पर सम्मानित होने जा रहा है। यह विशिष्ट सम्मान कांगड़ा के देहरा में आयोजित हो रहे राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रदान किया जाएगा।

अरुणोदय शर्मा, जिन्हें ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) में अपनी उपस्थिति के कारण पहचान मिली, इस सम्मान के हकदार हैं।

खास बात यह है कि अद्भुत बालक अरुणोदय को समाज के हर एक वर्ग ने दुलार और स्नेह देने में कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा कि करोड़ों प्रशंसकों के दिलों में राज करने वाले अरुणोदय को उचित सम्मान मिलना चाहिए।

अरुणोदय को समाज के हर वर्ग से अपार स्नेह और समर्थन मिला है। वह बच्चों और बड़ों के दिलों में अपनी जगह बना चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें सरकारी स्तर पर वह पहचान नहीं मिली थी, जिसके वे हकदार थे।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बच्चों के प्रति विशेष लगाव है। सत्ता संभालने के तुरंत बाद ही उन्होंने विशेष बच्चों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

उन्होंने विशेष रूप से बिना माता-पिता वाले बच्चों को ‘स्टेट चाइल्ड’ घोषित किया, ताकि उन्हें बेहतर देखभाल और सुविधाएं मिल सकें।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि अक्सर सरकार राज्य एम्बेसडर बनने के लिए बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज पर भारी रकम खर्च करने को तैयार रहती हैं।

लेकिन हिमाचल प्रदेश के पास खुद अरुणोदय जैसे उभरते सितारे हैं, जो न केवल राज्य के लिए गर्व की बात हैं बल्कि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

अरुणोदय जैसे बालकों को पहचान देकर राज्य न केवल अपनी संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि यह भी दर्शा रहा है कि स्थानीय प्रतिभाओं को भी सही मंच और अवसर दिया जा सकता है।

अरुणोदय शर्मा को यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश के सभी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

यह दिखाता है कि सच्ची मेहनत और लगन से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है, और राज्य सरकार का यह कदम उन्हें और उनके जैसे अन्य बच्चों को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध होगा।

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