मंडी – अजय सूर्या
मांगे पूरी न होने की स्थिति में जल रक्षक महासंघ के सदस्य 1 दिसंबर को माननीय मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री से मिलेंगे। विधानसभा सत्र के दौरान शिमला में माननीय उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश लगाए थे कि उनकी कांटेक्ट पर आने की अवधि को कटाया जाए और माननीय मुख्यमंत्री ने पॉलिसी मैं संशोधन करने के लिए अधिकारियों को आदेश लगाए थे।
इनकी मांगे कैबिनेट में लाया जाए। उसके बावजूद भी सरकार ने जल रक्षक महासंघ की मांगों पर कोई गौर नहीं किया है। जल रक्षक चाहे बारिश बर्फबारी अन्य त्योहार अत्यधिक बारिश होने के कारण पूरे हिमाचल में आपदा आई थी। जिसमें पंचायत के लगे माध्यम से जल रक्षक ने बिना अवकाश के अपनी अहम भूमिका निभाई है। जिसकी सरकार ने भी तारीफ की है। उसके बावजूद भी उचित मांगे पूरी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जल रक्षक महासंघ प्रदेश अध्यक्ष रूपलाल, उपाध्यक्ष बबलू वर्मा, टेकचंद, सुनील, रवि ठाकुर, कोषाध्यक्ष हरि चंद, सचिव डोलमचंद, मीडिया प्रभारी मीना ठाकुर, पुष्पराज, बबलू पंवार, मुख्य सलाहकार दीपिका, जिला प्रधान सनी इकबाल, राजेश, विक्रम, रिंकू, भाटिया, रिंपी, राजेंद्र, विनोद, चुन्नीलाल, गौरव सेन आदि ने सरकार से आग्रह किया है कि समय रहते उनकी उचित मांगों को पूरा किया जाए ताकि हिमाचल प्रदेश के समस्त जल रक्षक अपना ब अपने परिवार का पालन पोषण उचित प्रकार से कर सके और हिमाचल के समस्त जल रक्षक को माननीय मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है इस बार उनके साथ अनदेखी नहीं कि जाएगी।

