अग्निपथ’ भर्ती योजना के विरोध में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, जलाया मोदी का पुतला

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शिमला – जसपाल ठाकुर

अग्निपथ भर्ती योजना’ के खिलाफ देशभर में विरोध की चिंगारियां आग का रूप ले रही है। हिमाचल प्रदेश में भी ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है। कांग्रेस पार्टी ने शिमला में विधानसभा से लेकर DC ऑफिस तक शव यात्रा निकाली व डीसी ऑफिस के बाहर मोदी का पुतला भी जलाया।

इस दौरान पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की झड़प भी हो गई। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की व इस योजना को वापिस लेने की जोरदार मांग उठाई। कांग्रेस ने अन्य सभी जिलों में भी ‘अग्निपथ भर्ती योजना’ के विरोध में कांग्रेस प्रदर्शन किया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सांसद प्रतिभा सिंह ने सेना में अग्निपथ भर्ती योजना को देश के युवाओं के भविष्य से एक बड़ा खिलवाड़ बताते हुए कहा है कि यह सेना में युवाओं के देश भक्ति के जज्बे को कम करेगा।
उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम के बाद केवल चार साल के लिये सेना में उनकी सेवा उनके साथ एक बड़ा अन्याय होगा ।उन्होंने  देश व युवाओं के हित मे सेना की प्रस्तवित अग्निपथ योजना पर तुरंत रोक लगाने की मांग केंद्र सरकार से की है।
प्रतिभा सिंह ने आज यहां  एक बयान में देश प्रदेश में इस भर्ती के खिलाफ युवाओं में बढ़ते आक्रोश पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि देश के सेनाबलो में किसी भी भर्ती  में कोई भी खिलवाड़ नही होना चाहिए।
प्रतिभा सिंह ने कहा है कि देश की रक्षा के लिये मर मिटने का जज्बा रखने वाले युवा ही सेना में भर्ती के लिये कड़ा परिश्रम करते है।उन्होंने कहा कि सेना में अंशकालिक भर्ती का कोई भी प्रयोग सही साबित नही होगा।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिये सैन्य बलों  में किसी भी प्रकार की कमी देश की आंतरिक व बाहरी सुरक्षा के लिए कोई बड़ा खतरा साबित  हो सकती है,इसलिए सेना में भर्ती पूर्व निर्धारित नियमों व पूरे समय अबधि के लिये ही होनी चाहिए।
कांग्रेस प्रचार समिति अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अग्निपथ योजना देश के करोड़ों युवाओं के साथ धोखा है। देश में 40 फीसदी आबादी युवाओं की है और मोदी सरकार चार साल के लिए रोजगार देकर ताउम्र के लिए उन्हें ठोकरे खाने को मजबूर कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर युवाओं के साथ खड़ी है व इसका जोरदार ढंग से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के साथ वीर भूमि भी कहा जाता है। यहां के अधिकांश गांव से युवा सेना में भर्ती होती है, लेकिन अब उनका सेना में जाने का सपना टूट जाएगा।

 

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