
ब्यूरो – रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव राम सुभग के इस्तीफा देने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार को इस मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है. कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया के जरिये सरकार से सवाल पूछा कि क्या पीएमओ की चिट्टी की वजह से राम सुभग को हटाया गया है.
शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘’मुख्य सचिव को उनके पद से रातोरात क्यों हटाया? पूछ रहा हैं हिमाचल. PMO की चिट्ठी का असर?’’
वहीं, कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि मुख्य सचिव की विकेट जा रही है, हमीरपुर में कहा था, याद है ना? हमीरपुर में मुकेश ने कहा था कि सरकार मुख्य सचिव को हटाने जा रही है.
सीएम ने नहीं दिया जवाब
शिमला के पीटरऑफ होटल में शुक्रवार को सीएम जयराम ठाकुर ने एक कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान सीएम से जब मुख्य सचिव को हटाने को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने टिप्पणी से इंकार कर दिया.
क्या है पीएमओ की चिट्टी का मामला
पूर्व मुख्य सचिव राम सुभग सिंह पर आरोप लगा है कि वन विभाग के एसीएस रहते हुए कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में इंटरप्रटेशन सेंटर के भवन निर्माण में भारी गड़बड़ी हुई, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई.
इस बाबत शिकायतकर्ता ब्रिज लाल ने आरटीआई के जरिए ली. सूचना के आधार पर मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ साथ प्रधानमंत्री को भी शिकायत पत्र लिखा गया था. उसी शिकायत पत्र पर पीएमओ ने मामले की जांच के लिए राज्य सरकार को जांच करने आदेश दिए थे.
आदेश में मुख्य सचिव राम सुभग सिंह का नाम है. हैरानी इस बात की है कि ये आदेश 13 अक्तूबर 2021 को केंद्रीय कार्मिक विभाग ने पीएमओ से आए पत्र का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे थे. तब से लेकर अब तक करीब आठ महीनों से ये चिठ्ठी मुख्यमंत्री कार्यालय में दबी रही और कोई कार्रवाई नहीं की गई.
