ऊना – अमित शर्मा
सूडान में चल रहे गृह युद्ध के बीच भारतीयों की सकुशल घर वापसी शुरू हो चुकी है. हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के अंब उपमंडल के तहत लोअर अंदोरा के 25 वर्षीय युवा रोहित शर्मा की भी वतन वापसी हुई है. ऑपरेशन कावेरी के तहत रोहित सकुशल घर लौटे हैं.
सूडान में अपने अंतिम 15 दिन को याद कर रोहित अब भी सिहर जाते हैं. रोहित और उनके परिवार के लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों के चलते उनके लाडले और अन्य भारतीयों की घर वापसी सुनिश्चित हो रही है.
दरअसल, ऑपरेशन कावेरी के तहत भारतीयों के पहले दल में सैंकड़ों लोगों को वहां से निकाल कर वतन वापसी सुनिश्चित की गई. इन्ही भारतीयों में से एक ऊना के लोअर अंदोरा के का 25 वर्षीय रोहित शर्मा भी शामिल है.
दिसंबर 2019 में रोजगार की चाहत लेकर सूडान गए रोहित शर्मा का कहना है कि सूडान में हालात बेहद बेकाबू हो चुके हैं. जहां पर सेना और पैरामिलिट्री आपस में जंग छेड़ चुके हैं. यहां तक कि अब स्थानीय नागरिक भी लूटपाट पर उतारू हो चुके हैं.
विदेशी लोगों का वहां रहना किसी भी खतरे से खाली नहीं है. रोहित बताते हैं कि गृहयुद्ध की परिस्थितियों के बीच सूडान का एयरस्पेस पूरी तरह बंद हो चुका है.
एयर स्पेश बंद, समंदर के जरिये वापसी
हालत यह है कि वहां से विदेशी नागरिकों को बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता समुद्र से होकर ही जाता है. रोहित बताते हैं कि उन्हें सूडान में अपनी जगह से समुद्र तट तक पहुंचने में करीब 850 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ा. इसके बाद समुद्र के रास्ते उन्हें जेद्दाह पहुंचाया गया. यहीं से उन्हें विमान के जरिए सकुशल भारत लाया गया है.
रोहित ने बताया कि 15 दिन उन्होंने कमरे में बंद रहकर ही गुजारे और यह 15 दिन उनके लिए काफी मुश्किल भरे थे, जिसमें हर समय उनकी जिंदगी पर खतरा मंडरा रहा था. दूसरी तरफ बेटे की सकुशल घर वापसी के बाद रोहित के पिता सुरेंद्र कुमार ने कहा कि मोदी है तो मुमकिन है.
उन्होंने केंद्र सरकार को सूडान में फंसे भारतीयों को सकुशल वापस लाने के लिए शुरू किए गए ऑपरेशन कावेरी के लिए धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि हमें केंद्र सरकार पर पूर्ण विश्वास था कि वह उनके लाडले को सकुशल घर वापस लेकर आएगी और केंद्र सरकार ने न सिर्फ उनके बेटे अपितु अन्य भारतीयों को भी सकुशल सूडान की विकट परिस्थितियों से बाहर निकाला है.
रोहित शर्मा को सूडान से देश वापसी में 4 दिन का समय लग गया. सूडान में एयरस्पेस पूरी तरह बंद होने के बाद भारतीय नागरिकों को समुद्र के रास्ते वहां से निकालकर जेद्दाह पहुंचाया जा रहा है और वहां से उन्हें एयरलिफ्ट कर घर वापस लाया जा रहा है. रोहित शर्मा दिसंबर 2019 में सूडान में रोजगार की चाहत लेकर गए थे.