हमीरपुर – व्यूरो रिपोर्ट
कर्मचारी चयन आयोग पेपर लीक मामले में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट पोस्ट कोड 817 की भर्ती परीक्षा भी खतरे में आ गई है। पेपर लीक बेशक किसी और पोस्ट कोड का हुआ हो, लेकिन इस परीक्षा में बैठे 73 अभ्यर्थी पेपर लीक में पकड़े गए लोगों के संपर्क में थे।
यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल की ओर से दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को यह बात रिकॉर्ड पर लाने के लिए कहा है।
महाधिवक्ता ने सुनवाई के दौरान कहा कि अभी राज्य सरकार को यह फैसला लेना है कि इस भर्ती परीक्षा के साथ जाना है या इसे रद्द कर नई परीक्षा करनी है।
महाधिवक्ता की ओर से यह बयान ऑनलाइन हीयरिंग के माध्यम से दिया गया और सुनवाई के दौरान ऑनलाइन जुड़े कुछ अभ्यर्थियों ने इसे रिकॉर्ड भी कर लिया। इसके बाद महाधिवक्ता का पक्ष सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
जेओए आईटी पोस्टकोड 817 के अभ्यर्थी राज्य सरकार की ओर से दिए गए इस बयान से सहमत नहीं हैं और अपना गुस्सा व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि इससे पहले विजिलेंस ने भी अपनी स्टेटस रिपोर्ट में यह कहा था कि पेपर लीक के इस रैकेट का जाल 18 परीक्षाओं तक फैला हुआ है।
मुख्य आरोपी के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मांगी
पेपर लीक के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में वरिष्ठ सहायक रही मुख्य आरोपी उमा आजाद के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मांगी है। इसकी वजह यह है कि विजिलेंस ब्यूरो को दूसरी एफआईआर में चार्जशीट दायर करनी है।
क्योंकि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया गया है, इसलिए उमा आजाद की अभियोजन मंजूरी राज्य सरकार से लेनी पड़ रही है नहीं तो उनके विभागाध्यक्ष से यह मंजूरी जानी थी।
इससे पहले आयोग के सचिव के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो राज्य सरकार से जांच की मंजूरी दे चुका है इसके बाद इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी और सामने आने वाले तथ्यों के बाद अभियोजन मंजूरी मांगी जाएगी।