ITI पासऑउट, UK रिटर्न, कौन हैं सतपाल रायजादा, जो अनुराग ठाकुर के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

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हिमखबर डेस्क

हिमाचल प्रदेश में लंबे मंथन और जद्दोजहद के बाद आखिरकार कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने बचे हुए दो प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया। हमीरपुर सीट से कांग्रेस ने ऊना सदर के पूर्व विधायक सतपाल रायजादा को टिकट दिया गया है। वहीं, कांगड़ा से आनंद शर्मा को उतारा है। ऐसे में अब हमीरपुर सीट से अनुराग ठाकुर के सामने सतपाल रायजादा होंगे।

जानकारी के अनुसार, सतपाल रायजादा 52 साल के हैं। उन्होंने 10वीं पास करने के बाद आईटीआई में डिप्लोमा किया था। फिर वह इग्लैंड में नौकरी करने चले गए थे। लगभग 8 साल इंग्लैंड में रहकर वहां से लौटे।

साल 2012 में उन्होंने पहली बार कांग्रेस की तरफ से विधायक का चुनाव लड़ा हालांकि, इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2017 में फिर से कांग्रेस ने उन पर विश्वास दिखाया और उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे सतपाल सत्ती को मात दी और पहली बार विधानसभा की दहलीज लांघी।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में लगभग 1736 मतों से उन्हें सतपाल सत्ती से हार का सामना करना पड़ा। रायजादा मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सुक्खू के काफी करीबी हैं। इसका उन्हें राजनीतिक लाभ मिलता रहा है। सतपाल रायजादा होटल व्यवसायी हैं और पिछले कई सालों से सक्रिय राजनीति में रहे हैं।

सतपाल रायजादा के बोल

रायजादा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की वादा खिलाफी को लेकर वह जनता के बीच जाएंगे। प्रदेश की कांग्रेस सरकार के सवा साल के काम भी लोगों को गिनाए जाएंगे। वह कहते है कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर लंबे समय से संसदीय क्षेत्र से पूरी तरह गायब हैं। जनता से किए गए वादों को निभाने में पूरी तरह असफल रहे हैं और हिमाचल प्रदेश के विकास में केंद्रीय मंत्री का योगदान शून्य है।

रायजादा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल के हितों को रोकने का काम किया है जबकि, दूसरी तरफ प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भयंकर आपदा के बावजूद हिमाचल प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं दिया है।

दस करोड़ रुपये चल अचल संपति

सतपाल रायजादा के पास 10 करोड़ 29 लाख रुपये की चल और अचल संपति है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यह जानकारी इन्होंने चुनाव आयोग को सौंपी थी। उनके खिलाफ एक पुलिस केस भी चल रहा है। रायजादा के दो बेटे हैं।

2012 में इनकी प्रॉपर्टी 2 करोड़ से ज्यादा थी। साथ ही इन पर 5 करोड़ से अधिक की देनदारी भी है। वहीं, इनके पास डेढ़ करोड़ रुपये की कृषि योग्य जमीन है। इसके अलावा, 86 लाख रुपये की नॉन एग्रीकल्चर लैंड भी है। वहीं, होटल की कीमत सात करोड़ रुपये से अधिक है।

बता दें कि करीब सवा महीना पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह खुद जिला ऊना में हुई एक जनसभा में पूर्व विधायक को लोकसभा चुनाव में बतौर प्रत्याशी उतारने का ऐलान कर चुके थे।

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