बिलासपुर। HRTC बिलासपुर के अधिकारी पर भ्रष्टाचार के सरंक्षण के कथित आरोप लगाए गए है। सूत्रों के मुताबिक यह मामला व्यापारिक लगेज से जुड़ा हुआ है। इस मामले में सरेआम लगेज पॉलिसी की अवहेलना हुई है। व्यापारिक लगेज की नाममात्र टिकटें बनाई जाती थी। इस मामले में कईयों के संलिप्त होने की आशंका जताई जा रही है। जानिए क्या है मामला…….
बिलासपुर – अनिल कश्यप
सूत्रों के मुताबिक 28 मई 2024 को HRTC बिलासपुर डिपो की बस में व्यापारिक लगेज दिल्ली से बिलासपुर के लिए लोड हुआ। यह लगेज किसी यात्री का नहीं था। व्यापारिक लगेज इतना था कि जिससे बस का लगेज बॉक्स और बस की अंतिम सीट पूरी भरी हुई थी।
बस में सवार किसी यात्री ने इस मामले की सूचना HRTC मुख्यालय शिमला को भेजी थी। यात्री के अनुसार HRTC मुख्यालय को शिकायत भेजने के बाद दिल्ली से लगभग 70 किलोमीटर बाद उस व्यापारिक लगेज की अन्य टिकटें बनाई गई।
RTI में अधिकारी ने छिपाई जानकारी
आपको बता दें 28 मई 2024 के रूट टिकट डिटेल टाइमिंग के साथ RTI के माध्यम से यात्री ने जानकारी मांगी। पहली RTI दायर के पर विभाग की तरफ से मात्र रिजर्वेशन चार्ट दिया गया। उसके बाद जब दूसरी RTI दायर की गई तो उसमें कहा गया ‘यह जानकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं है।
आपको बता दें जब किसी मशीन से टिकट जारी किया जाता है तो उस टिकट की पूरी जानकारी उस मशीन में मौजूद रहती है। हालांकि इस RTI की पहली अपील दायर की गई है।
अधिकारी ने किया भ्रष्टाचार का संरक्षण: अनिल
बिलासपुर यूनिट के राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिल कश्यप ने कहा कि HRTC बिलासपुर के अधिकारी ने जांच प्रभावित करने की नाकाम कोशिश की है और साफतौर पर भ्रष्टाचार का संरक्षण किया है। इस मामले से जुड़े सभी तथ्य मेरे सहयोगी के पास मौजूद है जो उस दिन बस में सफर कर रहे थे।
22 अक्टूबर 2024 को इस मामले में उपमुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के आदेश जारी किए गए है। इस मामले के बाद बस के चालक को बिलासपुर प्रबंधन ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। आबंटित बस से षडयंत्र के तहत चालक को उतार दिया गया।
कथित तौर पर लगेज मामले से जुड़ी जांच को प्रभावित करने की अधिकारी के द्वारा कोशिश की जा रही है हो सकता है जिस कारण जांच पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने मांग की है इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी इस मामले में दोषी पाए जाएंगे उनके ऊपर कार्रवाई की जाए। अधिकारी क्यों भ्रष्टाचार का संरक्षण कर रहे है किसे बचाने की कोशिश की जा रही है।
नियमों के विपरीत कमर्चारियों की अन्य पदों पर तैनाती: अनिल
HRTC बिलासपुर डिपो के अधिकारी ने अन्य पदों पर नियमों के विपरीत कमर्चारियों की तैनाती है की है। RTI से मिली जानकारी के अनुसार HRTC में यदि डिपो में मुख्य निरीक्षण मौजूद नहीं है तो वरिष्ठ निरीक्षक को अड्डा प्रभारी लगाया जाता है और उक्त निरीक्षक की तैनाती बस अड्डे पर की जाती है लेकिन बिलासपुर में कनिष्ठ निरीक्षक को अड्डा प्रभारी लगाया गया है।
उन्होंने कहा हो सकता है डिपो के अधिकारी नियम को नहीं मानते हो तभी ऐसा संभव हुआ है। जिस कर्मचारी की वरिष्ठता सूची में वरिष्ठता संख्या बहुत ज्यादा है उसे सहायक चालक प्रभारी क्षेत्रीय प्रबंधक के द्वारा लगाया गया है। उन्होंने कहा HRTC मुख्यालय में तैनात अधिकारी इस मामले की जांच करें और आवश्यक कार्रवाई इस मामले में की जाए।
एक जगह पर कई वर्षों से तैनात है कर्मचारी
सूत्रों के अनुसार कई वर्षों से एक जगह पर तैनात कमर्चारियों के स्थानांतरण के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को पत्र भेजा गया है। कई वर्षों से एक जगह पर तैनात कमर्चारियों की एक बार भी स्थानांतरण नहीं हुआ जबकि नियम तीन वर्ष के बाद स्थानांतरण करने का है।